जयपुर में जल्द ही ऑटो रिक्शा और कैब मीटर के हिसाब से निर्धारित किराए से संचालित किए जाएंगे। परिवहन विभाग ने ऑटो रिक्शा और कैब कंपनियों पर नियंत्रण के लिए कवायद शुरू कर दी है। इसे लेकर जयपुर आरटीओ प्रथम कार्यालय में बुधवार को ऑटो-रिक्शा संगठनों और टैक्सी संगठनों के साथ बैठक की गई। दरअसल एप आधारित निजी कैब कंपनियों ओला, उबर या रेपिडो जैसी कंपनियों द्वारा पीक ऑवर्स में अधिक किराया वसूलना आम बात है। इसी तरह ऑटो चालक भी सवारी की मजबूरी और दूरी को देखते हुए मनमर्जी से किराया लेते हैं, लेकिन अब कैब और ऑटोचालकों पर नियंत्रण के लिए किराया निर्धारित करने का निर्णय किया गया है। आरटीओ प्रथम राजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि बैठक में ऑटो-रिक्शा का नियमानुसार मीटर से किराया निर्धारित किए जाने को लेकर चर्चा की है। इससे पहले वर्ष 2013 में परिवहन विभाग ने किराया दरें निर्धारित की थी, लेकिन डीजल दरों में बढ़ोतरी होने के बावजूद किराए की दरें नहीं बढ़ सकी हैं। इसी को देखते हुए मनमर्जी से किराया वसूलते रहे हैं। दरों के प्रस्ताव को अनुमति के लिए परिवहन मुख्यालय भिजवाया जाएगा। इस दौरान डीटीओ संजीव दलाल, नरेश पूनिया, टैक्सी यूनियन के सुमेर सिंह, दिलीप सिंह महरौली सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। शहर में 49280 ऑटो रिक्शा


