नींदड योजना में जमीन अवाप्ति का फिर विरोध:खातेदारों ने आठ घंटे तक जेडीए को घेरा, नए अधिग्रहण कानून से मुआवजे की मांग उठाई

नींदड़ आवासीय योजना में जमीन अवाप्ति प्रक्रिया का खातेदारों ने संघर्ष समिति के आह्वान पर फिर से विरोध शुरू कर दिया है। जेडीए ने नवंबर में नए सिरे सर्वे कर 26 काश्तकारों का 7 दिन पहले आरक्षण पत्र जारी किए थे। आरक्षण पत्र जारी करने के बाद नींदड़ बचाओ युवा किसान संघर्ष समिति ने लामबंद होकर अवाप्ति प्रक्रिया के विरोध में बुधवार को जेडीए का घेराव किया। 100 से अधिक किसान हाथों में तख्तियां लेकर जेडीए पहुंचे औैर जमकर नारेबाजी की। जेडीए भवन में घुसने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों मेन गेट बंद कर दिया। खातेदार जेडीए में ही 8 घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इस दौरान पुलिस जाब्ता तैनात रहा। संघर्ष समिति की मांग थी आरक्षण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। जेडीए अधिकारियों ने मांगपत्र सरकार को भेजकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। नींदड़ योजना का खातेदारों से जमीन अवाप्ति का अवॉर्ड 31 मई 2013 में जारी हुई था। जेडीए को योजना विकसित करने के लिए खातेदारों करीब 800 बीघा जमीन अवाप्त करनी है। प्रभावित की मांग है कि नए जमीन अवाप्ति कानून के तहत मुआवजा दिया जाए, जबकि यह कानून 2014 में लागू हुआ। इस पर सरकार स्तर पर फैसला लंबित है। मामला 5 साल से कमेटी के पास लंबित: संघर्ष समिति संघर्ष समिति ने कैलाश बोहरा ने बताया कि नींदड़ आवासीय योजना में जमीन अवाप्ति का मामला 5 साल से एम्पावर्ड कमेटी के पास लंबित है। जेडीए ने बिना एम्पावर्ड कमेटी के निर्णय के सर्वे कर अवाप्ति प्रक्रिया शुरू कर दी और अब किसानों का आरक्षण पत्र जारी किए जा रहे हैं। समिति की मांग है कि जब तक कमेटी मामले में कोई फैसला नहीं लेती, तब तक जेडीए अवाप्ति के लिए आरक्षण पत्र जारी नहीं करें। 15 साल पुरानी नींदड़ आवासीय योजना के लिए जेडीए ने 26 किसानों को आरक्षण पत्र दिया था। जेडीए ने साल 2010 में नींदड़ आवासीय योजना का प्रस्ताव तैयार किया था, इसमें कुल 327 हैक्टेयर में आवासीय योजनाएं डवलप करने का प्लान था, लेकिन खातेदारों और जेडीए के बीच अवाप्त को लेकर विवाद खड़ा होने के जेडीए जमीन की अवाप्त नहीं कर पाया। साल 2017 में जेडीए की भूमि अवाप्ति कार्रवाई के खिलाफ नींदड़ में किसानों ने जमीन समाधि सत्याग्रह शुरू किया था। 15 दिन में फैसला ले जेडीए, 6 बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा

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