रायपुर के माना स्थित बनरसी गांव में भड़कती आग के बीच घरों में फंसे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन का मॉकड्रिल किया गया। इस दौरान फायर बिग्रेड के जवानों ने अपने जान की परवाह किए बिना घरों में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह मॉकड्रिल केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान नगर सेना माना कैम्प में किया गया। दरअसल, गुरुवार को नए अग्निशमन वाहनों और नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण कार्यक्रम में सीएम विष्णुदेव साय माना पहुंचे। इस दौरान नई फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर सीएम ने प्रदेश के अलग-अलग जिला मुख्यालयों के लिए रवाना किया। इस दौरान डिप्टी सीएम विजय शर्मा भी मौजूद रहे। अग्निशमन विभाग में 20 नई फायरबिग्रेड की गाड़ियां अग्निशमन विभाग के निदेशक अजातशत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि, 589 कर्मचारियों के माध्यम से प्रदेश में अग्निशमन विभाग का काम किया जा रहा है। गर्मी का मौसम है। प्रदेश में रोजाना 40 घटनाएं आग लगने से हो रही है। जिसके लिए लगातार फायर बिग्रेड की टीम मुस्तैदी के साथ काम कर रही है। अभी आग की घटनाओं को रोकने के लिए 20 नई अग्निशमन गाड़ियां खरीदी गई है। जिसे 10 जिलों में भेजा जा रहा है। इनमें रायगढ़, कोरबा और कबीरधाम जिले को दो-दो गाड़ियां दी गई है। वहीं, नया रायपुर में 3 और सिलतरा में तीन वाहन दिए गए हैं। इसके अलावा दंतेवाड़ा, धमतरी, गरियाबंद, राजनांदगांव, बेमेतरा, कोरिया और अंबिकापुर में एक-एक वाहन दिए गए। अब जानिए मॉकड्रिल डेमो में क्या हुआ केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान नगर सेना माना कैम्प बनरसी में अचानक आग भड़क गई। मॉकड्रिल की प्रैक्टिस के लिए पहले एक आयल और घर में आग लगाई गई। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में SDRF के जवान मौके पर पहुंचे। फायर फाइटर्स ने पहले आयल में लगी आग पर काबू पाया। उसके बाद घर में लगी आग को काबू पाने के लिए नई फायर बिग्रेड की गाड़ी से आग पर काबू पाया गया। टीम को सूचना मिली की जिस घर में आग लगी है, वहां कुछ लोग है। ऐसे में SDRF के जवान एंटी फायर किट पहनकर और अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों को बाहर लेकर आए। इस मॉकड्रिल प्रैक्टिस में कुछ लोगों को स्ट्रेचर के सहारे फर्स्ट एड के लिए मेडिकल कैंप के भीतर लाया गया। तस्वीरों में देखिए मॉकड्रिल….


