छत्तीसगढ़ ACB, EOW की टीम ने सुकमा में निलंबित DFO अशोक पटेल को गिरफ्तार कर रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया है। ऐसा पहली बार है जब EOW ने किसी DFO को गिरफ्तार किया है। वही EOW ने कोर्ट में अशोक पटेल को पेश कर पूछताछ करने के लिए कस्टोडियल रिमांड मांगी है। बता दे की DFO अशोक पटेल और उनके साथियों पर तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों के बोनस में बड़ा घोटाला करने का आरोप है। इसके साथ ही 1 महीने पहले DFO के घर में ACB और EOW की टीम ने एक साथ दबिश दी थी और वहीं रायगढ़ के कृष्णा वाटिका और पैतृक ग्राम झालमुड़ा में भी कार्रवाई की थी। क्या है पूरा मामला? सुकमा के वन विभाग अधिकारी अशोक कुमार पटेल और उनके साथियों पर तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों के बोनस में बड़ा घोटाला करने का आरोप है। यह घोटाला वर्ष 2021 और 2022 के तेंदूपत्ता सीजन से जुड़ा है, जिसमें करीब 7 करोड़ रुपये की राशि संग्राहकों को दी जानी थी। अधिकारियों ने आपसी साठगांठ कर बड़ी रकम खुद रख ली और संग्राहकों तक पैसा नहीं पहुंचा। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (EOW/ACB) ने अशोक कुमार पटेल और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया। 8 अप्रैल 2025 को एफआईआर दर्ज होने के बाद 10 अप्रैल को छापेमार कार्रवाई की गई है। छापेमारी में क्या-क्या मिला? पिछले दिनों छापेमारी में ACB-EOW को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक खातों की जानकारी और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि डीएफओ ऑफिस के कर्मचारी राजशेखर पुराणिक के घर से 26 लाख 63 हजार 700 रुपये नगद मिले।


