मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के शेषा गांव में 15 मार्च को एक विवाहिता की मौत हो गई थी। जिसके बाद पीहर पक्ष के लोगों ने एक अप्रैल को पति, सास-ससुर और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया था। जिस पर पुलिस ने मलारना डूंगर एसडीएम के आदेश पर एक महीने के बाद आज शेषा गांव के कब्रिस्तान से महिला के शव को बाहर निकलवाया गया और मेडिकल जूरिस्ट नरेंद्र सिसोदिया के नेतृत्व में चार सदस्यीय मेडिकल टीम से मौके पर पोस्टमॉर्टम करवाया। एक महीने बाद कब्र से निकाला शव जांच अधिकारी डिप्टी उदय सिंह मीणा ने बताया कि 15 मार्च को शेषा गांव में नजराना बानो की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन पीहर और ससुराल पक्ष के लोगों की लिखित सहमति के चलते पुलिस ने महिला का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया। जिसके बाद एक अप्रैल को मृतक नजराना बानो की मां फरसाना बानो पत्नी इलियास खान निवासी करमोदा ने मृतक महिला के पति, सास, ससुर और देवर व ननद के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया। जिस पर एसडीएम के आदेश पर महिला के शव को कब्र से बाहर निकालकर चार सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमॉर्टम किया। उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीओ सिटी उदय सिंह मीणा के नेतृत्व में मलारना डूंगर थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी व कुंडेरा और मलारना डूंगर थाना पुलिस और सवाई माधोपुर से अतिरिक्त पुलिस का जाब्ता कब्रिस्तान में तैनात रहा। वहीं महिला के शव को कब्र से निकलने की सूचना के बाद सैकडों ग्रामीणों कब्रिस्तान के बाहर खड़े रहे। इनपुट- राशिद खान मलारना डूंगर।


