करौली में ग्राम धूगड़ और चकधूगड़ के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर अपने गांव को ग्राम पंचायत गुनेसरा में ही बनाए रखने की मांग की है। हाल ही में राजस्व ग्राम धूगड़ और चकधूगड़ को पंचायत गुनेसरा से अलग कर नवगठित ग्राम पंचायत गुनेसरी में शामिल किया गया है। इस फैसले से क्षेत्र के निवासी नाराज हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनका गांव गुनेसरा पंचायत से मात्र 2 किलोमीटर दूर है। वहीं, नई पंचायत गुनेसरी का मुख्यालय 8-10 किलोमीटर दूर स्थित है। गुनेसरा पंचायत से उन्हें सभी बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं।धूगड़ गांव की अधिकांश आबादी अनुसूचित जाति की है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका जीवन पहले से ही संघर्षपूर्ण है। नई पंचायत में जाने से उनकी परेशानियां और बढ़ जाएंगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अगले आदेश तक उनके गांव को गुनेसरा पंचायत में ही रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांग नहीं मानी गई तो वे आंदोलन करेंगे। ज्ञापन देने के समय बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इनमें आमजनता ग्राम धूगड़ एवं चकधूगड़ ग्राम पंचायत पुनर्गठन संघर्ष समिति करौली के पदाधिकारी भी शामिल थे।


