प्रदेश में बिक रहा खुला दूध लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। 60 प्रतिशत सैंपलों में पानी मिला है। इस दूध में वसा, विटामिन, कैल्शियम और मिनरल्स तो होना दूर, खुला दूध पीने योग्य भी नहीं है। कई जिलों में हुई दूध की जांच में यूरिया, पाम ऑयल, सॉल्ट, स्टॉर्च, शुगर की मिलावट पाई है। यह खुलासा राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन लिमिटेड की ओर से प्रदेश के 24 जिलों में चलाए जा रहे दूध जांच अभियान में हुआ है। इन जिला दुग्ध संघों में 22 दिन में 6 हजार दूध के सैंपलों की जांच की गई। इसमें से करीब 2867 सैंपल सब स्टैंडर्ड के पाए गए। ये खुले दूध के सैंपल फूड सेफ्टी एक्ट के मानकों के तहत खरे नहीं उतरे। फेल हुए सैंपलों में भरपूर मात्रा को छोड़कर नीचे स्तर का भी वैसा, विटामिन, कैल्शियम और मिनरल्स तक नहीं मिला। दूध के सैंपलों में हाइलेवल की एसिडिटी पाई गई। फूड सेफ्टी एक्ट; दूध में ये तत्व जरूरी पीने योग्य मिक्स दूध में फैट 4.50 प्रतिशत और एसएनएफ -8.30 प्रतिशत जरूरी है। एसिडिटी लेवल 0.130 से अधिक नहीं होना चाहिए। दूध में मिनरल्स नहीं होने से खून की कमी, पाचन तंत्र और हड्डियां और मांसपेशियां भी कमजोर हो जाती हैं: एक्सपर्ट लोगों को पर्याप्त मात्रा में विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम और मिनरल्स नहीं मिलता है तो शरीर में थकान होना, खूनी की कमी होना, हडि्यों और मांसपेशियों का कमजोर होना, बच्चों की ग्रोथ नहीं होगी, हाथ-पैर में दर्द की समस्या हो जाएगी। वहीं किसी कैमिकल और अन्य की मिलावट पाई जाती है तो पाचन तंत्र कमजोर हो जाएगा। गुर्दे खराब हो सकते हैं। इसी वजह से लोगों में विटामिन बी-12, डी की कमी हो रही है। भास्कर एक्सपर्ट पैनल: डॉ. विनय मल्होत्रा, डॉ. सुधीर मेहता, डॉ. पुनीत सक्सेना, डॉ. अरविंद पालावत दूध के 89 सैंपल अनसेफ, घी के 10 से अधिक सैंपलों में ऑयल की मिलावट आरसीडीएफ की ओर से कराई गई दूध की जांच में करीब 89 सैंपल अनसेफ मिले हैं। इन सैंपलों में यूरिया, पाम ऑयल, सॉल्ट, शुगर और स्टार्च की मिलावट पाई है। यह मिलावट जयपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, नागौर डेयरी संघों में कराई गई दूध के सैंपलों में मिली है। लोगों की ओर से एकत्रित की गई जानकारी में सामने आया कि यह दूध दूधियों, दूध मंडियों और कॉलोनियों में बेच रही प्राइवेट डेयरियों का है। इन संघों पर घी के सैंपलों की भी जांच की गई। जांच में करीब 10 से अधिक सैंपलों में ऑयल की मिलावट पाई है। अधिकारियों का कहना है यह रिफाइंड तेल भी हो सकता है। यह मिलावट जयपुर के लोगों की ओर से कराई गई घी जांच में मिला है। आरसीडीएफ ने काम किया, अब स्वास्थ्य विभाग की बारी प्रदेश में बिकने वाला खुला घी और दूध की जांच करके आरसीडीएफ ने मिलावट का खुलासा करके लोगों को जागरूक किया है। अब कार्रवाई की बारी स्वास्थ्य विभाग की है। स्वास्थ्य विभाग को मिलावटी दूध और घी के खिलाफ प्रदेश स्तर पर अभियान चलाना चाहिए, ताकि मिलावट खोरों पर नकेल कसी जा सके।


