छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर के CMD कॉलेज मैदान के व्यावसायिक उपयोग और ध्वनि प्रदूषण को लेकर दायर याचिका पर प्राचार्य व प्रबंधन समिति को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही कलेक्टर, एसपी और तारबाहर थाना प्रभारी से पूर्व में दिए गए आदेश पर की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट मांगा है। दरअसल, अब्दुल जुनैद ने एडवोकेट अब्दुल वहाब खान के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें बताया गया है कि CMD कॉलेज के सामने उनका मकान है। कॉलेज के मैदान में साल भर शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा आए दिन व्यवसायिक आयोजन होता है, जिसकी वजह से मैदान में DJ और लाउडस्पीकर लगाकर फिल्मी गानों, भाषण, कवि सम्मेलन और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे निकलने वाली तेज आवाज के चलते उनका घर में रहना मुश्किल होता है। तेज आवाज से पढ़ाई और जीवन प्रभावित
याचिका में कहा गया है कि लाउडस्पीकर की तेज आवाज से परिवार के सदस्यों की दिनचर्या और मानसिक शांति पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। बच्चों की पढ़ाई तक बाधित हो रही है। मना करने और शिकायत के बाद भी आयोजकों द्वारा न तो आवाज कम की जाती है और न ही कोई कार्रवाई होती है। पूर्व में भी हाईकोर्ट ने दिया था आदेश, नहीं हो रहा पालन
याचिकाकर्ता ने बताया कि वर्ष 2019 में जब उनके पिता गंभीर रूप से बीमार थे, तब भी इसी तरह के कार्यक्रमों से उत्पन्न शोर ने उनके स्वास्थ्य को प्रभावित किया था। बाद में उनका निधन हो गया। तब उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिस पर 21 जनवरी 2025 को कोर्ट ने कलेक्टर, एसपी और कालेज प्रबंधन को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके मैदान में 13 मार्च 2025 और उसके बाद भी तेज लाउडस्पीकर का उपयोग कर शोरगूल किया जाता रहा। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को भेजा नोटिस
प्रकरण की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि पूर्व के आदेशों का पालन नहीं हुआ है तो यह गंभीर मामला है। न्यायालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे पूर्व पारित आदेशों के पालन पर की गई कार्रवाई का स्पष्ट प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।


