तापघात एवं लू के विपरीत प्रभाव से बचाव के लिए की जा रही तैयारियां तेज कर दी हैं। इसे लेकर कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा की। उन्होंने गर्मी के मौसम में तापमान में बढ़ोतरी के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतते हुए आमजन और पशुधन को तापघात एवं लू से बचाने के लिए राज्य सरकार की ओर से जारी परामर्शी का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा- राज्य सरकार ने तापघात एवं लू से बचाव के लिए विस्तृत परामर्शी जारी करते हुए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी तय की है कि आगामी ढाई महीने गर्मी के लिहाज से काफी गंभीर है। इस दौरान आमजन एवं पशुओं को तापघात एवं लू से बचाने के लिए अपेक्षित तैयारी करें। छाया, हवा एवं पानी की समुचित व्यवस्था हो। एसडीएम इन आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं और समय-समय पर फील्ड विजिट कर इनकी जांच करें। कलेक्टर ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिले में तापघात एवं लू से कोई जनहानि नहीं हो। इसके लिए इलाज की पुख्ता व्यवस्था करें। अस्पताल में इसके लिए अलग से वार्ड की व्यवस्था करें और वार्डों में कूलर, एसी एवं पंखों का समुचित प्रबंध हो। उन्होंने उपखंड अधिकारियों को अधीनस्थ अस्पतालों का निरीक्षण कर यह सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा- स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों के लिए पानी, बिजली, हवा एवं छाया की समुचित व्यवस्था हो। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को लाने-ले जाने का कार्य सहायिका करें और उन्हें समय पर नाश्ता एवं खाना खिलाएं। उन्होंने पशुओं के लिए गर्मियों के अनुकूल चारा और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही, पशुपालकों से दोपहर के समय अत्यधिक गर्मी के दौरान पशुओं को चराने के लिए बाहर नहीं ले जाने की अपील की। कलेक्टर ने श्रम विभाग, उद्योग विभाग एवं रीको को ज्यादा श्रमिक नियोजन वाले औद्योगिक संस्थान, व्यवसायिक संस्थानों, व्यापार संघों एवं अन्य संगठनों के साथ बैठक कर श्रमिकों को तापघात एवं लू से बचाने के लिए राज्य सरकार की ओर से जारी परामर्शी का पालन करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को तापमान बढ़ने की संभावना को देखते हुए कस्बों के मुख्य बाजारों की सड़कों पर पानी के छिड़काव की तैयारी करने के निर्देश दिए।


