गरियाबंद जिले में अवैध प्लाटिंग और कॉलोनी निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम ऋसा ठाकुर ने 12 अवैध कालोनाइजरों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। प्रशासन को जांच में पता चला कि नगर निवेश क्षेत्र की कृषि भूमि को बिना नियमों का पालन किए 100 से अधिक छोटे भूखंडों में बांटकर बेच दिया गया। होटल सिटी रेसीडेंसी के पीछे अवैध कॉलोनी में पक्की सड़क भी बनवा दी गई। पिछले 5 साल से लंबित मामलों में यह कार्रवाई की गई है। 2019 से 2022 के बीच कुल 13 प्रकरण दर्ज किए गए थे। इनमें से 12 मामलों में सुनवाई पूरी हुई है। जांच में पाया गया कि इन कालोनाइजरों ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 70, 98 और 172 का उल्लंघन किया है। नामांतरण प्रकरणों की जांच के निर्देश एसडीएम ने तहसीलदार को सभी नामांतरण प्रकरणों की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस कारोबार में न तो नगर निवेश के नियमों का पालन हो रहा है और न ही कॉलोनाइजर एक्ट का। छोटे भू खंडों की नामांतरण की होगी जांच एसडीएम ने बेचने वालों पर जुर्माना लगाने के अलावा खरीदारों के छोटे भूखंडों की जानकारी भी जुटा रही है। तहसीलदार को निर्देशित कर उपरोक्त समस्त प्रकरणों के भूखंडो के क्रेता, विक्रेता, भू-स्वामी द्वारा किये गये समस्त विक्रय, नामांतरण की जानकारी मंगाई गई है। खरीददारों को हो सकता है भारी नुकसान पुनरीक्षण में अगर नियम के खिलाफ नामांतरण पाया गया तो खरीददारों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। कार्रवाई के बाद 6 कालोनाइजरों – हर्षित अग्रवाल, मो. हनीफ मेमन, मो. रिजवान मेमन, मो. जावेद मेमन और संरक्षणकर्ता सौरभ देवांगन ने जुर्माना राशि जमा कर दी है।


