भास्कर न्यूज| धमतरी शुक्रवार शाम साढ़े 5 बजे अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हुई। गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन तूफान ने शहर और आसपास के गांवों में भारी तबाही मचाई। कई जगह शादियों के लिए लगाए गए पंडाल और शामियाने उड़ गए। पेड़ टूटकर बिजली के तारों पर गिर गए। इससे ग्रामीणों को बड़ा नुकसान हुआ। धमतरी के पास दर्री, खरेंगा, अमेठी, कलारतराई, अछोटा, भोयना, शकरवारा, मुड़पार, कोटाभर्री, सोरम और भटगांव में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इन गांवों में 5 से 8 घंटे तक अंधेरा छाया रहा। दर्री में 3, अमेठी और बरारी में एक-एक विद्युत पोल टूटकर गिरा। बरारी और सोरम में पेड़ तारों पर गिरे। कोटाभर्री में पांच पेड़ गिरे। जेई विनय कुमार ने बताया कि रातभर टीम ने पेड़ हटाकर आपूर्ति बहाल की। शनिवार को भी सुधार कार्य जारी रहा। इसके चलते कई इलाकों में बिजली बंद रखनी पड़ी। ईंट व्यवसायियों को भी भारी नुकसान हुआ। शकरवारा खदान के पास सड़क पर कई पेड़ गिर गए। इसी रास्ते से खैरागढ़ से आई बारात को एक घंटे रुकना पड़ा। लोगों ने पेड़ हटाए, तब जाकर बाराती बस आगे बढ़ सकी। बारिश से रबी सीजन की धान फसल को भी नुकसान हुआ। फसल पूरी तरह पक चुकी थी। बालियां टूट गईं। पौधे चटाई की तरह बिछ गए। मुड़पार गांव में झोपड़ियों की छप्पर उड़ गई।


