कोंडागांव जिले में गरीबों के लिए चलाई जा रही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का चावल खुलेआम बाजार में बिक रहा है। बीपीएल कार्डधारकों को 1 रुपए प्रति किलो और एपीएल कार्डधारकों को 10 रुपए प्रति किलो मिलने वाला चावल साप्ताहिक हाट बाजारों में 20 से 25 रुपए प्रति किलो में बेचा जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार कोचिए और बिचौलिए इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। ये लोग कृषि मंडी समिति से मिले किसान लाइसेंस का दुरुपयोग कर रहे हैं। बड़ी मात्रा में सरकारी चावल खरीदकर इसे राइस मिलों या दूसरे राज्यों में ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। प्रशासन ने नहीं की कोई ठोस कार्रवाई जिला खाद्य विभाग और प्रशासन को इस अवैध कारोबार की जानकारी है। फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से कई मांगें की हैं। इनमें हाट बाजारों में पीडीएस चावल की बिक्री पर रोक लगाना शामिल है। साथ ही अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर कार्रवाई और कोचियों के मंडी लाइसेंस रद्द करने की मांग की गई है। खाद्य विभाग की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की गई है। जिला खाद्य अधिकारी नवीन श्रीवास्तव का कहना है कि समय-समय पर ऐसे लोगों पर कार्रवाई होती रहती है। उन्होंने कहा कि अगर हितग्राही खुद राशन बेच रहा है तो कुछ नहीं किया जा सकता। हालांकि, कोचियों द्वारा बड़ी मात्रा में राशन की खरीद-फरोख्त पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


