गिरिडीह में सोमवार को एक तीन मंजिला मकान में आग लगने से मां-बेटी की मौत हो गई। यहां तीन मंजिला मकान के पहले तल्ले पर खुशी मार्ट नामक कपड़े की दुकान थी। आशंका है कि शॉर्ट सर्किट से सबसे पहले दुकान में आग लगी, जिसने धीरे-धीरे ऊपर बढ़ते हुए पूरी बिल्डिंग को आगोश में ले लिया। घटना पचंबा थाना क्षेत्र स्थित मारवाड़ी मोहल्ला में हुई। आग लगने की जानकारी लोगों को तड़के तीन बजे के करीब लगी। इसके बाद इसकी जानकारी पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। फिर राहत कार्य शुरू हुआ। मृतकों में सीताराम डालमिया की बहू संगीता डालमिया (45) और पोती खुशी डालमिया (21) शामिल है। जबकि इस घटना में चार लोगों को सीताराम डालमिया, उनकी पत्नी किरण डालमिया, बेटा दिनेश डालमिया और पोता रिशु डालमिया को सुरक्षित बचा लिया गया। दूसरे तल्ले में रह रहा था परिवार लोगों का कहना है यह आग संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण लगी है। तीन मंजिला इस इमारत में नीचे दुकान तथा ऊपर दो मंजिल में आवासीय क्षेत्र है। आग की लपटें तेजी से तीनों मंजिलों में फैल गईं, जिससे अफरातफरी का माहौल बन गया। भवन में बड़ी मात्रा में कपड़े रखे होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। दूसरे मंजिल पर सीताराम डालमिया का परिवार रहता है। आग लगने के बाद चार लोगों को बिल्डिंग से बाहर निकाल लिया गया लेकिन मां-बेटी अंदर ही फंस गई। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। कोडरमा और धनबाद से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गई आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की 14 गाड़ियां आग बुझाने में लगी रही। कोडरमा और धनबाद से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गई। वहीं, नगर विकास मंत्री सह गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू भी घटनास्थल पर पहुंच कर पूरे मामले की जानकारी ली। नगर विकास मंत्री ने कहा-फायर ब्रिगेड विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में उपकरण नहीं नगर विकास मंत्री ने कहा कि बचाव व राहत कार्य करने के लिए फायर ब्रिगेड विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में उपकरण नहीं है, जिसके लिए वे सरकार से बात करेंगे। वहीं, उन्होंने घटना में मृत मां-बेटी के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है। घटना के बाद से ही राहत कार्य जारी है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ गिरिडीह दमकल की टीम प्रयास कर रही थी, लेकिन जब लगा कि उनसे स्थिति नियंत्रण में नहीं आ रही है तब खोरीमहुआ, कोडरमा और धनबाद से भी दमकल की गाड़ियों को मंगवाया गया है। चूंकि रास्ता संकीर्ण है इसलिए थोड़ी समस्या हो रही है। जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, वह पूरी तरह से पैक थी। इसलिए गैस को बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा भवन के दीवारों को तोड़ा गया और दमकल कर्मियों को अंदर जाने के लिए रास्ता बनाया गया। -श्रीकांत बिस्पुते, एसडीएम, गिरिडीह


