पाकुड़ के सिंधी धर्मशाला में गायत्री परिवार द्वारा आयोजित 51 कुंडीय शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ की तैयारियां पूरी हो गई हैं। महायज्ञ 21 से 24 अप्रैल तक चलेगा। तेज धूप के बीच सोमवार को शिव शीतला मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई। इसमें 251 कन्याओं ने पीली साड़ी पहनकर सिर पर कलश रखा। यात्रा हरिणडांगा बाजार, अंबेडकर चौक, बिरसा चौक होते हुए तातिपारा गांधी चौक और रेलवे फाटक जैन धर्मशाला से होकर यज्ञ स्थल सिंधी धर्मशाला पहुंची। 23 को दीपदान महायज्ञ और संगीत प्रवचन का आयोजन गायत्री परिवार की मनोज गुप्ता ने कार्यक्रम की जानकारी दी। 21 अप्रैल को शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक युग संगीत प्रवचन होगा। 22 अप्रैल को सुबह 6 बजे से ध्यान और प्रज्ञा योग के बाद देव पूजन और विभिन्न संस्कार होंगे। 23 अप्रैल को दीपदान महायज्ञ और संगीत प्रवचन का आयोजन है। 24 अप्रैल को गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम समाप्त होगा। उन्होंने बताया कि यज्ञ को लेकर व्यापक रूप से प्रचार प्रसार किया गया है. सिंधी धर्मशाला परिसर में बड़े-बड़े पंडाल का निर्माण करवाया गया है इसके अलावा कई स्टाल भी बनाए गए हैं. इन स्टॉल के माध्यम से भारतीय संस्कृति की झलक पेश की जाएगी। महोत्सव में पाकुड़ नगर और आसपास के जिलों से गायत्री परिवार के साधक शामिल होंगे। कार्यक्रम स्थल पर बड़े पंडाल बनाए गए हैं। विभिन्न स्टालों के माध्यम से भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया जाएगा.कलश यात्रा के मौके पर गायत्री परिवार की ओर से शिव शंकर निराला,अमला मिश्रा,पंकज वर्मा लाली गुप्ता, मुरारी मंडल,ओंकार शर्मा, ममता जायसवाल समेत बड़ी संख्या में साधक मौजूद थे।


