मनरेगा में रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया रोजगार सेवक:गढ़वा में भुगतान और मास्टर रोल पर हस्ताक्षर के लिए मांगे थे 5000 रुपए

गढ़वा जिले में एक रोजगार सेवक को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। कोरवाडीह पंचायत के रोजगार सेवक गुलजार अंसारी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने 5000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। मामला कोरवाडीह गांव का है, जहां मनरेगा के तहत एक डोभा निर्माण योजना चल रही है। इस योजना के लाभार्थी अखिलेश चौधरी हैं। जब अखिलेश अपने बकाया भुगतान और मास्टर रोल पर हस्ताक्षर के लिए रोजगार सेवक गुलजार अंसारी से मिले, तो उन्होंने 5000 रुपए की रिश्वत की मांग की। कंचनपुर गांव का रहने वाला है रोजगार सेवक अखिलेश ने इस मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पलामू में की। ब्यूरो ने मामले की जांच की और शिकायत को सही पाया। इसके बाद एक योजनाबद्ध तरीके से बुधवार को दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। 53 वर्षीय गुलजार अंसारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। वह कंचनपुर गांव का रहने वाला है और वर्तमान में कोरवाडीह पंचायत में रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत था।

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