स्कूल में चलने वाले वैन व ऑटो जिनसे छोटे बच्चों को लाया जाता है, वे सुरक्षित नहीं रह गए हैं। रांची में एक बार फिर चार साल के बच्चे के साथ स्कूल वैन चालक ने यौन उत्पीड़न किया। हालांकि मामला सामने आने के बाद आरोपी वैन चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले भी रांची में डेली मार्केट थाना क्षेत्र स्थित एक प्ले स्कूल के वैन चालक ने तीन साल के बच्चे के साथ यौन उत्पीड़न किया था। मामला सामने आने के बाद आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार जरूर किया था। उसके बाद कई दिशा निर्देश भी जारी किए गए थे कि वैन चालक का पहले वेरीफिकेशन होगा। वैन में बच्चों व बच्चियों के साथ एक महिला रहेगी। कुछ दिन तक तो उक्त निर्देश का पालन किया गया, फिर जैसे ही मामला शांत हुआ फिर से वैन में बच्चे अकेले आने-जाने लगे और चालकों का वेरीफिकेशन बंद हो गया। इस बारे में ग्रामीण एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि अगर कोई भी संस्थान, चाहे वह स्कूल या कोई कंपनी हो, किसी व्यक्ति को बहाल करती है तो उसका कैरेक्टर वेरीफिकेशन अनिवार्य है। अगर कोई स्कूल कैरेक्टर वेरीफिकेशन कराए बिना वैन चालक को रख रहा है तो ये गलत है। कैरेक्टर वेरीफिकेशन क्यों नहीं करा रहे, इसे भी देखा जाएगा। प्राइवेट वैन की जिम्मेदारी पैरेंट्स की : स्कूल प्रबंधन स्कूल में जो प्राइवेट वैन आते हैं या जिन प्राइवेट ऑटो से बच्चे स्कूल आना-जाना करते हैं, उसकी जिम्मेदारी पैरेंट्स की है। हम स्कूल से बच्चों को ले जाने वाले वैन चालकों का डिटेल्स मोबाइल नंबर लेकर रखते हैं। – परमजीत कौर, चेयरपर्सन, सहोदया एक घटना के बाद कुछ दिन नियमों का पालन होता है, फिर सब भूल जाते हैं डेली मार्केट थाना क्षेत्र स्थित प्ले स्कूल में पढ़ने वाले तीन वर्षीय छात्र के साथ अप्राकृतिक यौनाचार की घटना हुई थी। सुनसान स्थान पर गाड़ी रोककर छात्र के साथ अप्राकृतिक यौनाचार करता था। स्कूल वैन चालक कुंवर किस्पोट्टा इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। शहर में 100 से अधिक प्राइवेट स्कूल, इनमें 1000 से अधिक निजी वैन व अॉटो से आते-जाते हैं बच्चे
केस 1 रांची शहर में 100 से अधिक छोटे व बड़े प्राइवेट स्कूल हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को घर से स्कूल तक लाने व ले जाने के लिए 1000 से अधिक प्राइवेट स्कूल वैन व अॉटो हर दिन लगे रहते हैं। लेकिन इन वैन व अॉटो चालकों के कैरेक्टर का ना ही स्कूल प्रबंधन वेरिफिकेशन कराता है और ना ही पुलिस इनकी जांच करती है। यही वजह है कि कुछ समय के बाद वैन या ऑटो में ऐसी घटनाएं हो ही जाती हैं। रोजाना ऑटो और ई-रिक्शा सहित वैन में इसी तरह लदकर स्कूल आते-जाते हैं बच्चे। यह ट्रैफिक नियमों का भी उल्लंघन। केस 2 मेसरा ओपी स्थित स्पेक्ट्रम ग्लोबल स्कूल में नर्सरी में पढ़ाई करने वाले 4 साल के बच्चे के साथ स्कूल के वैन ड्राइवर ने यौन उत्पीड़न किया। इसके बाद बीआईटी मेसरा ओपी में शिकायत दर्ज कराई गई, तब आरोपी रोशन भोक्ता को गिरफ्तार किया गया। केस 3 जाकिर हुसैन पार्क के पास एक छात्रा ऑटो से अपने घर जा रही थी। ऑटो चालक ने छात्रा को देर शाम अकेली देख पहले छेड़छाड़ की, इसके बाद दुष्कर्म की कोशिश की गई। छात्रा ने शोर मचाना शुरू किया तो चालक ने छात्रा को धक्का दे दिया और भाग निकला।


