रांची के प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी क्लास में नामांकन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। साथ ही नर्सरी से नौवीं क्लास तक की रिक्त सीटों पर भी नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। शहर के प्रमुख स्कूल प्रबंधनों के अनुसार, नर्सरी क्लास में नामांकन के लिए सीट की तुलना में 3 से 4 गुना तक ज्यादा आवेदन आ रहे हैं। अभिभावक अपने बच्चों के नामांकन के लिए औसतन 3 से 4 स्कूलों में नामांकन के लिए आवेदन कर रहे हैं, ताकि अच्छे स्कूल में नामांकन के लिए विकल्प रहे। इसके लिए अभिभावक एक स्टूडेंट के लिए आवेदन शुल्क के रूप में 6 से 8 हजार रुपए तक खर्च कर रहे हैं। सबसे ज्यादा आवेदन डीपीएस रांची में नर्सरी क्लास के लिए और जेवीएम श्यामली में एलकेजी के लिए आए हैं। साथ ही डीएवी ग्रुप के स्कूलों में भी नामांकन के लिए काफी आवेदन आए हैं। मालूम हो कि प्री-प्राइमरी क्लास में पैरेंट्स इंटरेक्शन और छात्रों से ओरल इंटरेक्शन के आधार पर नामांकन लिया जा रहा है। विभिन्न स्कूलों में आवेदन शुल्क 500 से 2500 रुपए तक रखा गया है। अभी शहर के कई स्कूलों में फॉर्म भराने की प्रक्रिया चल ही रही है। वहीं, कई स्कूलों में दाखिले की दौड़ समाप्त हो चुकी है। इन स्कूलों में अब भी मिल रहा नामांकन फॉर्म स्कूल क्लास फॉर्म शुल्क स्कूल सीटें आवेदन (नोट : सीटों की संख्या में आरटीई के तहत आरक्षित 25% सीटें भी शामिल हैं। वहीं, कई स्कूलों में प्रबंधन के लिए भी कुछ सीटें आरक्षित की जाती हैं।) प्रारंभिक क्लास में अब भी 20 से 40% सीटें रिक्त डीपीएस रांची सहित डीएवी ग्रुप के कई स्कूलों मंे नर्सरी क्लास में नामांकन के लिए आवदेन प्रक्रिया खत्म हो गई है। वहीं, कुछ स्कूलों के नर्सरी क्लास में अब भी 20 से 40% रिक्त सीटों पर नामांकन के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं। पहली से 9वीं क्लास तक की रिक्त सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। कुछ स्कूलों में 11वीं क्लास के लिए भी आवेदन मांगे जा रहे हैं। पहली से 9वीं तक टेस्ट के माध्यम से नामांकन लिया जाएगा। क्या हैं हालात… दो केस से जानिए केस-1 : मोरहाबादी निवासी राजकुमार ने बताया कि बेटी के दाखिले के लिए 4 स्कूलों में फॉर्म भरा है, ताकि किसी एक स्कूूल में नामांकन हो जाए। साल बर्बाद न हो। इसमें लगभग 7000 रुपए लग गए हैं। केस- 2 : धुर्वा निवासी विकास कुमार ने बताया कि नर्सरी में बेटी के नामांकन के लिए डीपीएस, जेवीएम श्यामली, डीएवी में आवेदन किया है। 6000 रुपए आवेदन शुल्क में खर्च हो गए। डीपीएस में नाम नहीं निकला। बाकी स्कूलों में लिस्ट का इंतजार है। पिछले साल सिर्फ एक स्कूल में आवेदन किया था। नामांकन नहीं हो पाया था।


