प्रतापगढ़ में बच्चे के साथ क्रूरता का मामला:शिक्षा विभाग ने स्कूल को किया सील, प्रिंसिपल गिरफ्तार

प्रतापगढ़ में एक निजी स्कूल में 4 साल के बच्चे से मारपीट के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जिला शिक्षा अधिकारी महेश चंद्र आमेटा के नेतृत्व में जांच दल ने आर्यकुल शिक्षणम विद्यालय का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि एलबीएस संस्थान द्वारा संचालित यह स्कूल बिना मान्यता के चल रहा था। इस गैरकानूनी संचालन के कारण विद्यालय को तुरंत सीज कर दिया गया। यह कार्रवाई 23 अप्रैल 2025 को की गई। जिला शिक्षा अधिकारी आमेटा ने स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों से अपील की है। उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों का दाखिला नजदीकी दूसरे स्कूलों में करवा लें। अगर इस प्रक्रिया में कोई परेशानी आती है, तो वे सीधे शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। यह कार्रवाई उस समाचार के बाद की गई, जिसमें इस स्कूल में एक 4 वर्षीय छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच टीम भेजी। जिला शिक्षा अधिकारी महेश चंद आमेटा के नेतृत्व में टीम ने स्कूल के दस्तावेजों की जांच की और बच्चों से बातचीत की। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पीड़ित बच्चे के पिता ने 22 मार्च को प्रिंसिपल निर्मला कुंवर, मैनेजमेंट की संगीता कुंवर और स्कूल संचालक लोकेंद्र सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। एससी/एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर प्रिंसिपल निर्मला कुंवर को 20 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार बंसल के अनुसार जांच जारी है। स्कूल प्रबंधन या अन्य कर्मचारी दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। एसपी विनीत कुमार बंसल ने कहा-पीड़ित बालक के पिता द्वारा 22 मार्च को दर्ज करवाई गई रिपोर्ट के आधार पर स्कूल की प्रिंसिपल, मैनेजमेंट और संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर प्रिंसिपल को 20 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया गया है। यदि जांच में अन्य कर्मचारी भी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी महेश चंद आमेटा ने कहा-स्कूल प्रशासन ने इस गंभीर मामले को दबाने की कोशिश की, जिसके कारण विभाग को पहले इसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। मीडिया में मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की टीम ने तत्काल स्कूल पहुंचकर दस्तावेजों और घटनाक्रम की जांच शुरू की है। बच्चों से बातचीत के आधार पर आगे की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और प्रथम दृष्टया यह गंभीर लापरवाही व असंवेदनशीलता का मामला प्रतीत होता है। संबंधित धाराओं में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *