करौली में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) ने कश्मीर के पहलगांव में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले का विरोध किया। महासंघ ने कैंडल मार्च निकालकर इस घटना को मजहब के नाम पर मानवता का कत्ल बताया। ABRSM के जिला सचिव डॉ. प्रीतम सिंह मीना ने राजकीय महाविद्यालय कैंपस में कहा कि यह हमला निर्दोष नागरिकों पर अमानवीय आक्रमण है। उन्होंने कहा कि यह देश की एकता और अखंडता पर सीधा प्रहार है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से वैचारिक भिन्नताओं से ऊपर उठकर दहशतगर्दी के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। कार्यक्रम में ABRSM के जिला सह सचिव डॉ. कारू लाल मीना और ABVP के नगर सह मंत्री मोनू सैनी समेत अन्य छात्र नेता मौजूद थे। हजारों युवाओं, छात्रों और नागरिकों ने मोमबत्तियां जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। प्रदर्शनकारियों ने शांति, एकता और मानवता के लिए एकजुट होने के नारे लगाए। ABRSM ने एक ज्ञापन जारी कर सरकार से आतंकवाद-विरोधी कानूनों को और कड़ा करने की मांग की है। साथ ही पहलगांव मार्ग की सुरक्षा बढ़ाने और शैक्षिक संस्थानों में आतंकवाद-विरोधी जागरूकता कार्यक्रम चलाने की मांग की है। महासंघ ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पहलगांव में हुई इस घटना में आतंकवादियों ने एक पर्यटक बस पर गोलीबारी की थी। इस हमले में कई लोग घायल हुए और कुछ की मौत हो गई। सुरक्षा बलों ने इसे संगठित आतंकी हमला बताया है और मामले की जांच चल रही है।


