जिला परिषद सभागार में आज जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी की अध्यक्षता में साधारण सभा की बैठक हुई। बैठक में विकास कार्यों और आमजन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिला कलेक्टर रामावतार मीणा सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी और जिले के जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी ने कहा कि यह बैठक मात्र एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जिले की आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण और सशक्त मंच है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दें। पेयजल संकट पर हुई चर्चा बैठक के दौरान गर्मी के मौसम को देखते हुए जिले में पेयजल संकट की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा की गई। सदस्यों ने बताया कि जिले के कई गांवों में इस समय पानी की भारी कमी है, जिसके कारण आम लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रमुख ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने और वहां टैंकरों के माध्यम से पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिले में दीर्घकालिक जल समाधान के लिए उचित जल योजनाओं को जल्द से जल्द लागू करने पर भी जोर दिया। इसके अतिरिक्त, बैठक में जिले में बिजली आपूर्ति की समस्या पर भी सदस्यों ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। कम वोल्टेज को लेकर सुधार करने के निर्देश कुल्हरी ने बताया कि कई इलाकों में अनियमित बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे जमीनी स्तर पर निरीक्षण करके इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करें। बैठक में जिले की सड़कों की मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति और शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी व्यापक विचार-विमर्श किया गया। जनप्रतिनिधियों ने जिले की कई सड़कों की खराब हालत पर चिंता जताई, जिससे लोगों के आवागमन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी और आवश्यक दवाइयों की अनुपलब्धता को एक गंभीर समस्या के रूप में उठाया गया। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रमुख ने चिकित्सा विभाग को तुरंत आवश्यक संसाधनों की पूर्ति और चिकित्सा कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। अधिकारियों को मिले ये भी निर्देश शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, शिक्षकों की अनुपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी सदस्यों ने अपने सुझाव दिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे नियमित रूप से स्कूलों की निगरानी करें और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाएं। बैठक में स्वच्छता, ग्रामीण रोजगार, महिला सशक्तिकरण, पशुपालन और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी की सामूहिक भागीदारी को आवश्यक बताया। जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी ने कहा कि सभी विभागों को आपसी तालमेल और सहयोग के साथ कार्य करना चाहिए ताकि जिले में समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।


