शहर को 16 साल से पाइप लाइन के जरिये गैस आपूर्ति का इंतजार है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 2008 में दीपावली पर उदयपुरवासियों को रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग से मुक्ति दिलाने का वादा किया और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सौगात दिलाने की घोषणा की। प्रशासनिक अनदेखी के कारण यह आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई। वॉलसिटी के अलावा शहर के अन्य विभिन्न क्षेत्रों और पैराफेरी में निजी कंपनी की ओर से बिछाई जा रही पाइप लाइन का काम इतना धीमा है कि डबोक को छोड़कर कहीं भी पाइप लाइन से गैस की सप्लाई नहीं हो पा रही है। पाइप लाइन बिछाने का काम अभी तक 50 फीसदी का आंकड़ा भी नहीं छू पाया है और शहर के चंद क्षेत्रों में हुआ है। खास बात यह है कि साल 2016 में स्मार्ट सिटी के तहत वॉलसिटी के घरों में पाइपलाइन से गैस पहुंचाने के लिए 90 करोड़ रु. का प्रावधान किया गया था, लेकिन साल 2018 में इस बजट को अन्य विकास कार्यों में शामिल कर दिया गया। अब वॉलसिटी के करीब 25 हजार घरों में यह सुविधा उपलब्ध कराना चुनौती पूर्ण रहेगा, क्योंकि वहां प्रमुख मार्गों-गली-माेहल्लों में अंडर ग्राउंड सीवेज-पेयजल-बिजली-दूरसंचार लाइन बिछाकर सीसी रोड बना दी गई है। काम की धीमी गति के पीछे सबसे बड़ा कारण मॉनीटरिंग का अभाव व टुकड़ों-टुकड़ों में काम होना रहा है। स्मार्ट सिटी के अफसरों ने साधी चुप्पी, कलेक्टर बोले-जल्द काम कराएंगे मामले में स्मार्ट सिटी के अफसरों ने चुप्पी साध ली है। एसई मुकेश पुजारी का कहना है कि सरकार से सहमति नहीं बनने के कारण पाइप्ड नेचुरल गैस प्रोजेक्ट को बाहर कर दिया गया, इसलिए 1000 करोड़ के बजट में यह प्रोजेक्ट शामिल नहीं था। कलेक्टर अरविंद पोसवाल का कहना है कि यूडीए, नगर निगम, जिला परिषद के बीच सामंजस्य बनाकर इस कार्य को जल्द पूरा कराएंगे ताकि शहरवासियों को पाइप्ड नेचुरल गैस की सौगात बिना किसी परेशानी के मिल सके। स्मार्ट सिटी ने 90 करोड़ के बजट को अन्य कामों में क्यों खर्च किया, इसका भी रिव्यू कराएंगे। जिन क्षेत्रों में लाइन बिछी, उनमें से सप्लाई महज डबोक क्षेत्र में ही शुरू
डबोक पंचायत, रेडिया, गाड़वा, धूणी माता ग्राम पंचायत, नाकोड़ा नगर-प्रथम और एन भैरवाय नगर में रसोई गैस पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। इससे पहले हिरणमगरी सेक्टर-3 से 7, सवीना, खांजीपीर, किशनपोल, पटेल सर्किल, माछला मगरा, सिंधी धर्मशाला, आइस फैक्ट्री, शिवाजी नगर, अग्रसेन नगर में 27 किमी पाइप लाइन भी बिछा दी गई। उस समय वॉलसिटी के अंदर व बाहर कुल 80 किमी लाइन डालना तय किया था। पाइप लाइन से गैस की सप्लाई सिर्फ डबोक पंचायत में ही हो पा रही है। शेष क्षेत्रों के बाशिंदे अभी इस सुविधा के लिए तरस रहे हैं। इन क्षेत्रों में काम बाकी
पुराना आरटीओ, आशापुरा कॉलोनी, श्रीराम नगर, कपिल विहार, तुलसी नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, गायत्री नगर, देबारी ग्राम पंचायत, सिगावतवाड़ा, तुलसीदासजी की सराय, जिंक कॉलोनी, जिंक पंचायत, प्रताप नगर सिंधी कॉलोनी, केवी-1, सुंदरवास साउथ और नार्थ, ओस्तवाल कॉलोनी, बोहरा गणेश के पीछे जय श्रीकॉलोनी, सेक्टर 9 से 14 तक में लाइन बिछाने का काम बाकी है। जिस हिस्से में काम वहां की मंजूरी लेते हैं, कोई डेडलाइन तय नहीं
अदाणी टोटल गैस लिमिटेड ने 2008 में लाइन बिछाने की शुरुआत की। कंपनी यूडीए-नगर निगम और पंचायतों के मार्गों में होते हुए संबंधित क्षेत्र विशेष में लाइन बिछाती है। इसके लिए संबंधित एजेंसी से अनुमति लेती है। यह अमूमन आधा से एक किमी के लिए होती है। इसलिए एक साथ पूरे शहरी क्षेत्र व पैराफेरी में पाइपलाइन बिछाने की कोई डेडलाइन निर्धारित नहीं की जा सकी है। पाइप्ड गैस के फायदे


