पहलगाम में हुए आतंकी हमले में स्थानीय टूरिस्ट गाइड नजाकत अहमद शाह ने छत्तीसगढ़ के चिरमिरी से आए 11 पर्यटकों की जान बचाई। लेकिन इसी हमले में उनके भाई आदिल की जान चली गई। आतंकी हमले में नजाकत का भाई सैयद आदिल हुसैन शाह मारा गया। जानकारी के मुताबिक टूरिस्टों को बचाने के लिए नजाकत के भाई आतंकियों से भिड़ गए इस दौरान आतंकियों ने उन पर गोली चला दी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सैयद आदिल शाह नजाकत अहमद शाह के मामा के लड़के है। जो बैसरन पहाड़ी में टट्टू (घोड़े) की सवारी करवाते है। नजाकत ने बताया कि छत्तीसगढ़ से आए हुए मित्रों को श्रीनगर छोड़ने गया हुआ था, इस कारण मैं अपने मामा के लड़के के जनाजे में भी शामिल नही हो पाया। इसलिए जनाजे में शामिल नहीं हो पाए नजाकत ने कहा कि मेहमानों को सकुशल पहुंचाना मेरा कर्तव्य था और छत्तीसगढ़ के चिरमिरी से आए मेहमान मेरे मित्र बड़े भाई समान थे। इसलिए जनाजे में शामिल नहीं हो पाया। बता दें कि नजाकत टूरिस्ट गाइड के साथ-साथ सर्दियों में छत्तीसगढ़ में कश्मीरी शाल और सूट का व्यापार भी करते हैं। 17 अप्रैल को चिरमिरी से उनके 4 मित्र अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने आए थे। नजाकत दो इनोवा गाड़ियां लेकर जम्मू से उन्हें लेने गए। नजाकत की सूझबूझ की तारीफ उन्होंने पर्यटकों को श्रीनगर, गुलमर्ग और सोनमर्ग की सैर कराई। आखिर में पहलगाम का कार्यक्रम रखा था। नजाकत ने बताया कि वह अपने मित्रों को घर पर मेहमान नवाजी के लिए लाना चाहते थे। यह कश्मीर की पुरानी परंपरा है। इन पर्यटकों में चिरमिरी नगर निगम की भाजपा पार्षद भी शामिल थीं। सभी पर्यटक नजाकत की सूझबूझ की तारीफ कर रहे हैं। नजाकत ने अपने दोस्तों को सुरक्षित श्रीनगर एयरपोर्ट पहुंचाने के कारण अपने भाई के जनाजे में भी शामिल नहीं हो सके। ……………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… पहलगाम आतंकी हमले से कुछ देर पहले का VIDEO:बच्चों के साथ खेलते दिखे टूरिस्ट गाइड नजाकत, फिर CG के 11 लोगों को बचाया तस्वीर पहलगाम के बैसरन घाटी की है। 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले से कुछ देर पहले की ही। इस तस्वीर में एक टूरिस्ट गाइड हैं जो छत्तीसगढ़ के एक परिवार के बच्चे के साथ खेल रहे हैं। कुछ देर बाद फायरिंग होती है, यही टूरिस्ट गाइड नजाकत बच्चों समेत 11 लोगों की जान बचाते हैं। पढ़ें पूरी खबर…


