अलवर जिला हॉस्पिटल में एक महीने पहले जन्मी जुड़वां बच्चियां भर्ती है। बेटियों का पिता इनके जन्म से नाखुश था। इससे नाराज होकर पत्नी से झगड़ा करने लगा। नाराजगी इस कदर बढ़ी कि एक बच्ची को चारपाई से नीचे तक फेंक दिया। दोनों का दूध भी बंद करवा दिया, ताकि भूख से मर जाए। 22 अप्रैल को पत्नी और दोनों बेटियों को सड़क पर छोड़ दिया और दोनों बेटों को अपने साथ लेकर चला गया। मां दोनों बेटियों को गोद में लेकर 1 किलोमीटर पैदल चली और अपनी बुआ के घर पहुंची। इसके बाद जुड़वां बच्चियों को अलवर के जिला हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। पुलिस में पति के खिलाफ शिकायत दी गई है। हालांकि बाद में पुलिस ने पति-पत्नी का समझौता कराया। पुलिस पीड़िता के घर पहुंची। पति से बात की। इसके बाद पत्नी ने अपनी शिकायत वापस ली है। पति ने कहा कि वह पत्नी काे ससुराल छोड़कर आया था। उसकी बुआ ने शिकायत करा दी। बाद में पत्नी को समझ आ गया। अब कोई शिकायत नहीं है। दो बेटे, फिर भी बेटा चाहिए था
पीड़ित महिला का कहना है- उसका पीहर अलवर शहर में दिल्ली दरवाजा गंगामंदिर के पास है। माता-पिता का निधन हो चुका है। दादी ने ही उसकी शादी मालाखेड़ा के मोरेड़ा गांव के रहने वाले युवक से 7 मई 2020 को की थी। ससुराल में पति के अलावा केवल ससुर है। शादी के बाद दो बेटे हुए थे। तीसरी बार गर्भवती होने पर 26 मार्च 2025 को जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। बेटी को चारपाई से फेंका था
महिला ने बताया- बेटियों के जन्म से पति खुश नहीं था। हर दिन झगड़ा करता था और बच्चियों का दूध भी बंद करवा दिया था। 22 अप्रैल को भी झगड़ा किया। झगड़े के बीच एक बच्ची को चारपाई से नीचे फेंक दिया। मासूम बिलखती रही, लेकिन उसका दिल नहीं पसीजा। पीड़ित महिला ने बताया- मेरा पति मुझे जबरन बाइक पर बैठाकर मोरेड़ा गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर तूलेड़ा रोड पर ले गया। यहां दोनों बेटियों के साथ मुझे छोड़ा और दोनों बेटों को लेकर बाइक से भाग गया। तूलेड़ा में मेरी बुआ का घर है। रोती-बिलखती अपनी जुड़वां बेटियों को गोद में लेकर बुआ के घर पहुंची और आपबीती बताई। इसके बाद बुआ दोनों बच्चियों को जिला हॉस्पिटल लेकर गई। बुआ बोली- बच्चियां मर जाए, इसलिए दूध बंद कर दिया था
महिला की बुआ ने बताया- बेटियों के जन्म के बाद से ही भतीजी को परेशान किया जा रहा था। मेरी भतीजी अपनी बेटियों को लेकर मेरे घर आई तो उसकी हालत खराब थी और बच्चियां भी रो रही थी। बुआ ने बताया- 2 बेटों के जन्म के बाद भतीजी को ऑपरेशन कराने को बोला था। तब भी उसका पति गुस्सा हो गया था और बोला था कि ऑपरेशन नहीं कराएंगे। डॉक्टर बोले- बच्चियों को कोई बाहरी चोट नहीं
जिला हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बताया- नवजात बच्चियों को कोई भी बाहरी चोट नहीं है। अंदरूनी चोट का जांच में ही पता चलेगा। फिलहाल बच्चियां स्वस्थ है। पारिवारिक मामले की शिकायत मिली
महिला थाने के कार्यवाहक प्रभारी महेश शर्मा ने कहा- यह पारिवारिक मामला है। शिकायत मिली है। हम समझाइश का प्रयास कर रहे हैं। शिकायतकर्ता कहेंगे तो तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।


