अमृतसर में लावारिस बच्चों की जान बचाने के लिए चल रही पंघुरा योजना ने एक और मासूम को नया जीवन दिया है। 3 अप्रैल को रेड क्रॉस के पालने में एक नवजात बच्ची मिली। बच्ची को तुरंत गुरु नानक देव अस्पताल के बेबे नानकी वार्ड में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की देखरेख में अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने बताया कि बाल संरक्षण समिति ने बच्ची का नाम स्नेहा रखा है। लापा स्कीम के तहत स्नेहा को स्वामी गंगा नंद भूरीवाले फाउंडेशन धाम भेजा जाएगा। वहां सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी जरूरतमंद परिवार को गोद दे दी जाएगी। अब तक 195 बच्चों की जान बचा चुके 2008 में जिला प्रशासन और रेड क्रॉस की मदद से शुरू हुई पंघुरा योजना अब तक 195 बच्चों की जान बचा चुकी है। पालने के नीचे लगी घंटी से कार्यकर्ताओं को बच्चे के मिलने की सूचना मिल जाती है। वे तुरंत नजदीकी अस्पताल में बच्चे को भर्ती करवाते हैं। फिर बच्चे को लीगल एडॉप्शन एंड प्लेसमेंट एजेंसी को सौंप दिया जाता है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि योजना की सफलता सराहनीय है। लेकिन यह चिंता का विषय है कि पालने में मिलने वाले अधिकतर बच्चे लड़कियां हैं। उन्होंने समाज से बेटियों का सम्मान करने की अपील की है। साथ ही कहा कि बेटियां बिना किसी डर के आगे बढ़ सकें, यह सुनिश्चित करना सबकी जिम्मेदारी है। बच्चा गोद लेने के लिए यहां होगा पंजीकरण उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बच्चा गोद लेना चाहता है तो वह ऑनलाइन वेबसाइट www.care.nic.in के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकता है। रेडक्रॉस सोसाइटी के कार्यकारी सचिव सैमसन मसीह ने बताया कि अब तक 164 लड़कियां और 31 लड़के इस योजना के अंतर्गत आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि आज डिप्टी कमिश्नर श्रीमती साक्षी साहनी ने इस बच्ची स्नेहा को अपने निवास स्थान से लुधियाना के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उपायुक्त की बेटी अर्ना तथा रेडक्रॉस की नेहा भी उपस्थित थीं।


