भास्कर न्यूज| चाईबासा पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, चाईबासा में शुक्रवार को मातृ भारती का गठन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामध्यान मिश्र, सदस्य अनंतलाल विश्वकर्मा, सुजीत विश्वकर्मा व प्रभारी प्रधानाचार्य अरविंद कुमार पांडेय ने भारत माता व अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया। प्रभारी प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्या भारती योजना में जिस प्रकार बच्चों के नेतृत्व क्षमता का विकास के लिए शिशु बाल किशोर भारती का गठन, कन्या भारती का गठन व राष्ट्रीय सेविका समिति का गठन किया जाता है। ठीक उसी प्रकार भैया-बहनों के शैक्षणिक सहयोग के लिए माताओं की भूमिका को लेकर मातृ भारती का गठन होता है। इस दौरान सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद के लिए सुलेखा चौरसिया एवं उपाध्यक्ष के लिए मनीषा देवी व चंद्रावती गोप का चयन किया गया। वहीं सोमवारी बिरुली को सचिव व सुमन जामुदा को सह सचिव बनाया गया। अनामिका देवी व माधवी देवी को संयुक्त रूप से कोषाध्यक्ष बनाया गया। बालिका शिक्षा के लिए शिवलता देवी को प्रमुख व पूजा देवी को सह प्रमुख बनाया गया। शीतल प्रमाणिक, नवीन दीक्षित, संजू निषाद, पोलिना देवी को प्रमुख का दायित्व संयुक्त रूप से दिया गया है। वहीं सुमानी हेंब्रम को प्रमुख और संगीता देवी को सह प्रमुख बनाया गया है। मातृ भारती के प्रमुख जमुना कोया ने माताओं को संबोधित करते हुए मातृ भारती के स्वरूप, उसके क्रियाकलाप, इसकी उपयोगिता एवं उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपने आशीर्वचन में अध्यक्ष ने कहा कि मातृ भारती का गठन एक शैक्षणिक आवश्यकता है। इसके जरिए माताओं को अपने बच्चों के सर्वांगीण विकास के दृष्टिकोण से परिचित होने का अवसर मिलेगा। बच्चों के शैक्षणिक विकास में जितनी अहम भूमिका वह निभा सकती हैं, उतना पुरुष वर्ग नहीं। इस कार्यक्रम का संचालन शिशु वाटिका प्रमुख मंजू श्रीवास्तव ने किया। शांति मंत्र के उपरांत यह मातृ भारती गोष्ठी संपन्न हुई।


