पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा के बयान के विरोध में शनिवार को दलित समाज के लोग अंबेडकर सर्किल् से अपना घर शालीमार पैदल मार्च करते हुए निकले। लेकिन टेल्को चौराहे पर पुलिस ने रोक लिया। कुछ को अरेस्ट भी किया। असल में पुलिस को जानकारी मिली थी कि ये लोग पूर्व विधायक के घर पहुंच सकते हैं। हालांकि गिरफ्तारी देने वालों ने कहा कि वे मंदिर जाने वाले थे। लेकिन पुलिस ने उनको जबर्दस्ती रोक लिया। मंदिर नहीं जाने दिया गया। बिहार से आए राजन सिंह ने कहा कि पुलिस उनको मंदिर जाने से रोक रही है। हम दलित लोग उसी मंदिर में जाने के लिए आए थे। लेकिन बीच में ही रोक लिया। ये सरकार की मानसिकता को बताता है। अलवर के सतीश कुमार ने कहा कि पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने बेहद आपत्तिजनक बयान दिया । उनके खिलाफ आमजन में गुस्सा है। इसलिए डॉग वाले पोस्टर लेकर विरोध रैली निकाली है। हम सब मंदिर जाने वाले थे। लेकिन टेल्को चौराहे पर पुलिस ने रोक लिया। असल में रामनवमी के दिन अलवर के शालीमार स्थित राम मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम के अगले दिन पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने मंदिर में गंगाजल छिड़का और विवादित बयान दिया था। उन्होंने कांग्रेस नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि उनके आने मंदिर अपवित्र हुआ है। इसके बाद देश भर में ज्ञानदेव आहूजा के विरोध में प्रदर्शन हुए।


