अजमेर में एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी के साथ 21 लाख की ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद काे ईडी का अधिकारी बताया और पीड़ित के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस होने को लेकर धमकाया। पीडित ने इस पूरे मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज करवाई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साइबर थाने के पुलिस उप अधीक्षक हनुमानसिंह ने बताया-रावत नगर, फायसागर निवासी गोविंद ओझा ने मामला दर्ज कराया। इसमें बताया कि वह सरकारी सेवा से रिटायर्ड है। एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को ईडी का अधिकारी बताया। उसने कहा कि उसके आधार कार्ड से मुबंई मे फर्जी मनी लॉन्डिंग हुई और इसका केस चल रहा है। ऐसे में सेटल करना चाहे तो उसे कुछ राशि देनी पडे़गी। डर कर उसने चार ट्रांजेक्शन के जरिए 21 लाख दे दिए। बाद में फर्जीवाड़ा व धोखाधड़ी का अहसास हुआ। पीडित की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढें ये खबर भी… अजमेर में शराब ठेके को लेकर विरोध में उतरे क्षेत्रवासी:जाम लगाया, बैनर जलाया, पुलिस पहुंची; लोगों की मांग-बंद हो ठेका अजमेर के नारीशाला रोड स्थित अशोक नगर में शराब के ठेके के संचालन को लेकर क्षेत्रवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में क्षेत्र की महिलाएं अपने बच्चो के साथ सडकों पर उतरी और सडक जाम कर के विरोध किया। इस दौरान दुकान का बैनर भी जलाया। पूरी खबर पढ़ने के लिए करें क्लिक


