राजसमंद में कलेक्टर बालमुकुंद असावा के प्रोजेक्ट श्रम संबल अभियान को चलाने से जिले में बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम आए हैं। कलेक्टर के इस अभियान से इस बार 53 लाख के मुकाबले 6 करोड़ की छात्रवृत्ति श्रमिकों के बच्चों के लिए स्वीकृत हुई। पिछले वर्ष 571 बच्चों को छात्रवृति मिली थी जबकि इस बार अभियान चलाने के बाद ये संख्या बढकर 6455 पर पहुंच गई जो 10 गुना से ज्यादा है। कलेक्टर बालमुकुंद असावा के अनुसार जिले में गत वर्षों में निरस्त हुए 1100 रिजेक्ट श्रमिक कार्ड की कमियों को दूर कर सभी कार्डों को जारी किया गया। जिले में 1 अक्टूबर, 2024 से प्रोजेक्ट श्रम संबल प्रारंभ किया गया था, अभियान के तहत राज्य सरकार के भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण मंडल द्वारा संचालित निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना से छात्रों को लाभान्वित किया गया। पात्र एवं वंचित निर्माण श्रमिक के बच्चों को योजना में जोड़ते हुए स्कॉलरशिप से लाभान्वित करने के लिए मिशन मोड पर कार्य किया गया। इस कार्य के लिए शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग तथा श्रम विभाग के समन्वय से अभियान ने गति पकड़ी। शिक्षा विभाग द्वारा हर पंचायत में सर्वप्रथम निर्माण श्रमिकों को चिह्नित कर उनके बच्चों के स्कॉलरशिप फॉर्म एकत्रित कर ग्राम पंचायत कार्यालयों में दिए गए। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों के माध्यम से पात्र श्रमिकों को 90 दिन का कार्य प्रमाण पत्र तैयार कर फॉर्म संबंधित स्कूल को पुनः लौटाए गए। शिक्षा विभाग द्वारा समस्त विद्यालयों में अभियान नियुक्त नोडल छात्रवृत्ति प्रभारी द्वारा ई-मित्र पर आवेदन ऑनलाइन जमा करवाने में छात्र-छात्राओं का सहयोग किया गया। उसके बाद श्रम विभाग द्वारा ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। वर्ष 2023-24 में 571 बच्चों को मात्र 53.06 लाख रु. की छात्रवृत्ति स्वीकृत हुई थी वहीं 2024-25 में 6455 बच्चों को 6.07 करोड़ रु. की छात्रवृत्ति स्वीकृत हुई। यह आंकड़ा गत वर्ष की तुलना में दस गुना से भी अधिक था।


