भारत माला प्रोजेक्ट केस…पति-पत्नी समेत 4 लोग गिरफ्तार:1 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजे गए, EOW के अफसर करेंगे पूछताछ,जानिए क्या है इनकी भूमिका?

भारत माला प्रोजेक्ट गड़बड़ी मामले में ACB-EOW की टीम ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें उमा तिवारी, केदार तिवारी, विजय जैन और हरमीत खनूजा शामिल है। शनिवार को सभी को कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को 1 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। EOW के अधिकारी उनसे पैसे गबन मामले में पूछताछ करेंगे। पति-पत्नी उमा तिवारी और केदार तिवारी को दूसरे व्यक्ति का मुआवजा राशि 2 करोड़ अवैध तरीके से लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। हरमीत सिंह खनूजा को उमा तिवारी के सहयोगी और कई किसानों की मुआवजा राशि हड़पने का आरोप है। जबकि व्यापारी विजय जैन की उमा तिवारी के सहयोगी के रूप में अधिग्रहण का पैसा अवैध तरीके से प्राप्त करने के आरोप में गिरफ्तारी हुई है। अधिकारियों के ठिकाने पर हुई थी छापेमारी दरअसल, शुक्रवार को EOW ने छत्तीसगढ़ के 17 से 20 अधिकारियों के ठिकाने पर छापेमार कार्रवाई की थी। इनमें SDM, तहसीलदार, पटवारी और राजस्व निरीक्षक समेत राजस्व विभाग के कई अधिकारियों के ठिकानों पर जांच कर दस्तावेजों को जब्त किया था। EOW ने रायपुर, महासमुंद, दुर्ग और बिलासपुर में 20 स्थानों पर रेड मारी थी। जिसमें निर्भय कुमार साहू, जितेन्द्र कुमार साहू, दिनेश पटेल, योगेश कुमार देवांगन, शशिकांत कुर्रे, लेखराम देवांगन, लखेश्वर प्रसाद किरण, बसंती धृतलहरे, रोशन लाल वर्मा, हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी, विजय जैन, दशमेश इन्ट्रावेंचर प्रा. लि., हृदय लाल गिलहरे और विनय कुमार गांधी के ठिकाने शामिल हैं। जानिए क्या है पूरा मामला ? भारत माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। कुछ दिनों पहले रायपुर-विशाखापट्टनम तक बन रही (वाइजैग) इकोनॉमिक कॉरिडोर में घोटाले केस में दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर छपने के बाद कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था। शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू सहित पांच अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से अधिक राशि की गड़बड़ी का आरोप है। जमीन को टुकड़ों में बांटा, 80 नए नाम चढ़ाए राजस्व विभाग के मुताबिक, मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफियाओं ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया। मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिया गया। जिससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 78 करोड़ रुपए पहुंच गई। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई। जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 78 करोड़ रुपए का भुगतान अभी रोक दिया गया है। बैक डेट पर दस्तावेजों में गड़बड़ी करने की पुष्टि अवर सचिव के निर्देश पर बनी जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है, कि अभनपुर इलाके में पदस्थ अधिकारियों ने बैक डेट में जाकर दस्तावेजों में गड़बड़ी की और जमीन मालिक को नुकसान पहुंचाया। इसका खुलासा इस बात से अफसरों ने किया, कि अभनपुर के ग्राम नायक बांधा और उरला में चार एकड़ जमीन जो सर्वे से पहले एक परिवार के पास थी। वो सर्वे होने के ठीक कुछ दिन पहले एक ही परिवार के 14 लोगों के नाम पर बांट दी गई। इसके बाद एक ही परिवार के सदस्यों को 70 करोड़ रुपए की मुआवजा का भुगतान कर दिया गया। जांच अधिकारियों ने तत्कालीन अफसरों की इस कार्यप्रणाली का सीधा जिक्र अपनी जांच रिपोर्ट में किया है। NHAI की टीम ने भी जताई थी आपत्ति रायपुर विशाखापट्नम इकोनॉमिक कॉरिडोर में हुई आर्थिक गड़बड़ी पर NHAI के अधिकारियों ने भी आपत्ति जताई थी। एनएचएआई की आपत्ति के बाद जांच रिपोर्ट को सचिव राजस्व विभाग को भेजा गया था और मुआवजा वितरण रोका गया था। …………………………… भारत माला प्रोजेक्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… भारत माला प्रोजेक्ट…कमिश्नर के बाद डिप्टी-कलेक्टर सस्पेंड:टुकड़ों में जमीन बांटकर 43 करोड़ का घोटाला; DM-पटवारी के सिंडिकेट ने बैक-डेट पर बनाए दस्तावेज भारत माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। पढ़ें पूरी खबर

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