पार्टी में ज्यादा पीने वाले IAS को छाछ की सलाह:नेताजी के बेटे को पैदल जाना पड़ा स्टेडियम; विधायकों ने नहीं लगाई मुखिया की फोटो

पावर को पचा पाना हर किसी के बस की बात नहीं है। जो इसे पचा पाते हैं, वे ही लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में रह पाते हैं। अब किसी के पिताजी बड़े नेता हों और बड़ा पद पर हो तो पुत्र तक भी तो सत्ता का असर पहुंच ही जाता है। पिछले दिनों एक नेता पुत्र एस्कॉर्ट लेकर स्टेडियम मैच देखने पहुंचे, लेकिन गेट पर रोक लिया। नेता पुत्र की गाड़ी का पास नहीं था। कई जगह फोन भी किए लेकिन बात नहीं बनी। बाद में एस्कॉर्ट और खुद की गाड़ी छोड़कर पैदल ही जाना पड़ा। कहां तो नेता पुत्र स्टेडियम के अंदर तक एस्कॉर्ट लेकर जाना चाहते थे और कहां खुद की गाड़ी से भी उतरना पड़ा। यह नजारा उस दिन कइयों ने देखा। सीनियर ने जूनियर आईएएस को क्यों दी छाछ पिलाने की सलाह? कहते हैं पावर से बड़ा नशा कोई नहीं होता। पावर जाम वाला नशे का कॉकटेल हो जाए तो फिर करेला और नीम चढ़ा वाला फैक्टर हावी हो जाता है। पिछले दिनों भद्रजनों के खेल का राजधानी में मैच हुआ। अब मैच के बाद कुछ पावरफुल अफसरों ने पार्टी भी की। जमकर जाम भी छलके। एक आईएएस ने पार्टी में कुछ ज्यादा ही जाम छलका लिए, इसका असर अगले दिन तक दिखा। अगले दिन सिविल सर्विस डे का मौका था। अफसर की पार्टीबाजी को उनके सुपर सीनियर ने भांप लिया। तंज कसते हुए सलाह दी कि इन्हें छाछ पिलाइए ताकि हैंगओवर उतरे। यह बात कई और अफसरों ने भी सुनी तो गलियारों में टॉकिंग पॉइंट बन गई। विधायकों ने नहीं लगाई संगठन मुखिया की फोटो सत्ता और संगठन में तालमेल की बात हर सत्ताधारी पार्टी में टॉकिंग पॉइंट रहती है। पार्टी जब सत्ता में होती है तो कई तरह के साइड इफेक्ट भी नेताओं को झेलने होते हैं। राजधानी में सत्ता वाली पार्टी के कई विधायक हैं। हर सप्ताह कुछ न कुछ कार्यक्रम करते रहते हैं। अब विधायकों के कार्यक्रम के बैनरों में जिला संगठन मुखिया का फोटो नहीं लगे तो बात बनना स्वाभाविक है। कई विधायकों ने जिला संगठन मुखिया की फोटो नहीं लगाई तो उन्होंने टॉप लेवल पर इसकी शिकायत की। जिला संगठन मुखिया को टॉप लेवल से भी विधायकों से मिलकर चलने की ही नसीहत मिल गई। अब तालमेल की कोशिश जारी है, लेकिन समय तो लगेगा ही। मिलावट का शिकार हुए दो अफसर, अस्पताल में भर्ती होना पड़ा हर सरकार मिलावट के खिलाफ अभियान चलाने के दावे करती है लेकिन इसे मिटाने में कोई सफल नहीं हो पाया। ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद कुछ दिन तो मामला ठीक रहता है, लेकिन कुछ दिन बाद हालात फिर जस के तस हो जाते हैं। पिछले दिनों दो बड़े अफसर हाड़ौती के दौरे पर गए। रास्ते में किसी मशहूर जगह जीभ को तृप्त करने पकवानों का भी सेवन किया। दोनों अफसरों को जल्द ही गलती का एहसास हो गया। जो खिलाया गया वो मिलावटी था। इसके चलते हॉस्पिटल में भर्ती होने की नौबत आ गई। दोनों बड़े अफसरों को मिलावटी खाने के चक्कर में इलाज करवाने के साथ परेशान होना पड़ा। दोनों अफसर अब मिलावट के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की पैरवी कर रहे हैं। सत्ताधारी नेता के पार्टनर का कट गया चालान सत्ता में रहने के दौरान नेताओं के सामने अलग तरह की ही चुनौतियां होती हैं( पिछले दिनों कई नेताओं को इन चुनौतियों से दो चार होना पड़ा। सरकार को कमाकर देने वाले महकमे ने पिछले दिनों जमकर चालान काटे। इसकी जद में कई सत्ताधारी नेताओं के पार्टनर भी आ गए। एक बड़े नेताजी के पार्टनर का भी चालान कट गया, पार्टनर को यह भ्रम था कि वे बड़े सत्ताधारी नेता चुटकियों में चालान माफ करवा देंगे, लेकिन यह भ्रम जल्द ही टूट गया। सत्ताधारी बड़े नेता कुछ नहीं कर पाए, पार्टनर ने कई जगह अपना दुख जाहिर किया तो बात बाहर आ गई। कुछ मंत्री और नेता किसी जगह चर्चा कर रहे थे तो उनका भी चालान वाला दर्द फूट पड़ा। चार्जशीट मुद्दे पर अफसर को मिला मंत्री का साथ सेहत वाले महकमे के एक कॉर्पोरेशन में पिछले दिनों दो अफसरों के बीच छिड़ी जंग में मंत्री के दखल के बाद चर्चाएं शुरू हो गई है। आईएएस ने आरएएस को छुट्टी से लौटते ही चार्जशीट थमा दी थी। इसे लेकर तकनीकी आधार पर कई सवाल उठे। अब चार्जशीट वाले आरएएस को महकमे के मंत्री का साथ मिल गया है। सुना है मंत्री ने तकनीकी सवाल उठाते हुए ब्यूरोक्रेसी के मुखिया को चिट्ठी लिखी है, जिसमें आरएएस का पक्ष लिया है। अब इस नए डेवलपमेंट को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सुनी-सुनाई में पिछले सप्ताह भी थे कई किस्से, पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें विवादित लग्जरी अपार्टमेंट में नेता पुत्र का गृह प्रवेश:महिला आईएएस के खिलाफ जांच की आंच; किसने आधी रात को सत्ताधारी नेताओं से बात की?

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