बांसवाड़ा में 7 साल पहले डकैती की साजिश रचते पकड़े गए 3 आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार दिया। अपर सेशन न्यायाधीश नवीन कुमार चौधरी ने तीनों को 5-5 साल कड़ी कैद और अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार मामले में 2 जुलाई 2018 को तत्कालीन सीआई शैतानसिंह के पर्चा कायमी पर एफआईआर दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया- एसपी कार्यालय के गोपनीय पत्र से पता चला कि हत्या के एक केस में जेल में बंद आरोपी सिराज और इम्तियाज ने बाहर अपने साथियों से शहर में एक व्यक्ति के साथ गंभीर वारदात की साजिश रची है। इस पर जानकारी ली तो भनक लगी कि कोई गैंग बोहरा या उसके करीबी के यहां डकैती की फिराक में है। उनके कॉलोनी में एक अपार्टमेंट के पास निर्माणाधीन मल्टी स्टोरी भवन में होने की सूचना पर पुलिस दल पहुंचा और हालात भांपकर घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें पकड़ा गया था सभी आरोपियों के खिलाफ अनुसंधान कर कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान ही रितिक की मृत्यु होने पर कार्रवाई ड्रॉप की गई, वहीं अन्य पर केस चला। इस बीच, तस्लीम और अयूब अली 2023-24 में मफरूर घोषित किए। मामले में कोर्ट ने युसूफ, समीर और साकिर को आईपीसी की धारा 402 के तहत दोषी करार दिया और तीनों को 5-5 वर्ष कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपए जुर्माना सुनाया। साथ ही समीर और साकिर को आर्म्स एक्ट में दोषी मानते हुए एक वर्ष कैद और तीन हजार रुपए जुर्माना सुनाया। मामले में दो आरोपी मफरूर होने के मद्देनजर पत्रावली सुरक्षित रखने का आदेश दिया। सरकार की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक गौरव उपाध्याय ने की।


