भास्कर न्यूज | लुधियाना सतलुज दरिया स्थित शनिगांव में शनिवार को शून्य प्रभु की अध्यक्षता में शनिदेव जी की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान भक्तों ने शनिदेव जी का तेलाभिषेक किया और शाम के समय आयोजन हवन यज्ञ में भक्तों ने आहूतिया डाली। प्रवचन करते हुए शून्य प्रभु ने कहा कि ज्ञान एक ऐसा खजाना है जो हमेशा बांटने से बढ़ता है और इस खजाने की चाबी निरंतर अभ्यास है। जीवन में धन मिले न मिले, लेकिन ज्ञान का मिलना बेहद जरूरी माना गया है। क्योंकि जिसके पास ज्ञान होता है उसके पास कभी धन की कमी नहीं होती है। व्यक्ति को ज्ञान को हासिल करने के लिए कठिन साधना करने की सीख दी गई। जीवन में बगैर ज्ञान को हासिल किए कोई भी व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में सफलता नहीं हासिल कर सकता है। बगैर ज्ञान के कारण व्यक्ति जीवन में अक्सर ठगा जाता है और तमाम तरह के नुकसान उठाने पड़ते है।। जबकि बुद्धिमान व्यक्ति ज्ञान का उचित उपयोग करते हुए जीवन से जुड़े सभी सुखों को प्राप्त करता है। खुद के भीतर अज्ञानता का अहसास होना ही ज्ञान की दिशा में बढ़ाया गया एक बहुत बड़ा कदम होता है।।


