रायगढ़ में पकड़ाए दो पाकिस्तानी भाई-बहन:गलत जानकारी देकर बनवाया फर्जी वोटर आईडी कार्ड; कराची में हुआ है जन्म

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 2 पाकिस्तानी भाई-बहन पर कार्रवाई की गई है। इनके पास वैध पासपोर्ट और लॉन्ग टर्म वीजा था, लेकिन फर्जी तरीके से मतदाता पत्र बनवाया गया था। जिसे देखते हुए पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। मामला जूटमिल थाना इलाके का है। मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस की ओर से बाहरी राज्यों से आए लोगों को लेकर जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी बीच जूटमिल थाना प्रभारी को सूचना मिली कि ग्राम कोडातराई में याकूब शेख के मकान में दो पाकिस्तानी नागरिक रह रहे हैं। बिना नागरिकता लिए वोटर कार्ड बनवाया पूछताछ में पता चला कि, अर्निश शेख और इफ्तिखार शेख दोनों भाई-बहन हैं और पाकिस्तानी नागरिक हैं। दोनों ने भारतीय नागरिकता प्राप्त किए बिना अवैध रूप से मतदाता परिचय पत्र बनवा लिया है। इसके बाद जूटमिल थाना प्रभारी ने मामले की जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को दी। साथ ही टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। वैध पाए गए पासपोर्ट और वीजा मौके पर वीजा, पासपोर्ट, मतदाता परिचय पत्र और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि पासपोर्ट पाकिस्तान का है और LTV (लॉन्ग टर्म वीजा) वैध(सही) है। सिर्फ मतदाता कार्ड गलत है। दोनों ने भारत निर्वाचन आयोग के फॉर्म नंबर 6 में गलत जानकारी देकर ये कार्ड बनवाया था। ऐसे में पुलिस ने इफ्तिखार शेख (29 साल) और अर्निश शेख (25 साल) के खिलाफ धारा 199, 200, 419, 467, 468, 34 के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड में जेल भेज दिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही
इस संबंध में जूटमिल थाना प्रभारी प्रशांत राव आहेर ने बताया कि, इनकी मां की शादी भारत में हुई है। 1993-93 में वह डिलीवरी के लिए पाकिस्तान गई थी। इफ्तिखार शेख और अर्निश शेख का जन्म पाकिस्तान के लांडी, कराची में हुआ है। इसी के चलते उनके पास भारत की नागरिकता नहीं है। दोनों अभी कोड़ातराई में रह रहे थे। पासपोर्ट वीजा सभी वैध पाए गए, सिर्फ फर्जी तरीके से मतदाता परिचय पत्र बनवाया था। फिलहाल आगे की कार्रवाई की जा रही है। क्या है LTV (लॉन्ग टर्म वीजा) सुबह से जिले में चला सर्चिंग अभियान रविवार की सुबह रायगढ़ की कोतवाली पुलिस इंदिरा नगर और आसपास के मोहल्लों से करीब 50 लोगों को थाने ले आई थी। यहां सभी के आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। बताया जा रहा है कि इसमें अधिकांश मुर्शिदाबाद और पश्चिम बंगाल के दूसरे जिले के लोग हैं, जो रायगढ़ में कमाने-खाने के लिए आए हुए हैं।

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