राजस्थान यूनिवर्सिटी के इम्यूनिटी विभाग में रविवार को RSCIT परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा में दिव्यांग छात्राओं को 5 मिनट की देरी से पहुंचने पर एंट्री नहीं दी गई। इसके बाद नाराज स्टूडेंट्स ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी है। दरअसल, राजस्थान यूनिवर्सिटी में रविवार को राजस्थान स्टेट सर्टिफिकेट एंड इनफॉरमेशन एंड टेक्नोलॉजी परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसमें महज 5 मिनट देरी से पहुंचने पर चार दिव्यांग स्टूडेंट्स को राजस्थान यूनिवर्सिटी के इम्यूनिटी डिपार्टमेंट परिसर में बने परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं दी गई। इसको लेकर परीक्षा देने पहुंचे स्टूडेंट्स के साथ ही छात्र नेताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लगभग आधा घंटे तक नाराज स्टूडेंट्स ने परीक्षा केंद्र के बाहर विरोध किया। उन्हें एंट्री नहीं दी गई। नाराज छात्रों ने सरकार तक इस पूरे मामले की शिकायत करने की बात कही है। परीक्षा में बैठने नहीं दिया दिव्या ज्योति दृष्टिबाधित कन्या शिक्षण संस्थान और पुनर्वास केंद्र की रेनू शर्मा ने कहा कि हमारे केंद्र की चार स्टूडेंट रविवार को राजस्थान यूनिवर्सिटी में परीक्षा देने पहुंची थी। लेकिन सिर्फ 5 मिनट देरी की वजह से उन्हें परीक्षा केंद्र में नहीं बैठने दिया गया। जबकि दृष्टिबाधित स्टूडेंट्स को हर परीक्षा में एक्स्ट्रा टाइम दिया जाता है। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा न तो स्टूडेंट्स को परीक्षा में बैठने दिया गया। बल्कि, उनके साथ गलत व्यवहार भी किया गया। राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्र नेता लक्ष्यराज सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा दिव्यांग बहनों के साथ गलत व्यवहार किया गया है। नियमों के तहत उन्हें परीक्षा में एक्स्ट्रा वक्त दिया जाता है। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तो उन्हें 5 मिनट देरी पर ही परीक्षा में बैठने तक नहीं दिया गया। जो यूनिवर्सिटी प्रशासन की तानाशाही को जग जाहिर करता है। ऐसे में जो भी अधिकारी और कर्मचारी इस मामले में दोषी है। उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए। वहीं इस पूरे मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है।


