भास्कर न्यूज | महुआडांड़ प्रखंड के पारा शिक्षक दिलीप कुजूर की लू लगने से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि दिलीप कुजूर को विद्यालय समय पर पहुंचने के लिए अत्यधिक दबाव झेलना पड़ता था। प्रशासन की ओर से नियम इतने कड़े कर दिए गए हैं कि मात्र 10 मिनट देर से पहुंचने पर मानदेय काट लिया जाता था। बताया जा रहा है कि पिछले महीने में भी उनका तीन दिन का वेतन केवल देर से आने के कारण काट लिया गया था।शिक्षकों ने पारा टीचर की मौत पर आक्रोश जताया है। कहा कि वेतन काटने की नीति न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालती है। दिलीप के अंतिम संस्कार में दर्जनों शिक्षक शामिल हुए और उन्होंने प्रशासन की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। शिक्षकों का कहना है कि इस तरह के दबाव और शोषण के कारण उनकी शारीरिक व मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन शिक्षकों के साथ हो रहे इस अन्याय को रोके और उनके कार्य परिस्थितियों में सुधार करे।


