शहर के चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल और सड़कों में प्रमुख स्थानों की दूरी और वहां दिशा बताने वाले ज्यादातर गेंट्री होर्डिंग्स और बैनर-पोस्टरों से पूरी तरह ढंक दिए गए हैं। शंकरनगर ओवरब्रिज के नीचे वाले चौराहे का तो ट्रैफिक सिग्नल ही होर्डिंग्स से ढंक दिया गया। इससे शंकरनगर की ओर जाने और वहां से आने वालों को सिग्नल ही नहीं दिख रहा है। इससे यहां हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। लोग अनुमान से चौराहा पार कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रमुख स्थानों की दिशा बताने वाले संकेतकों के ढंक जाने से लोगों को यही पता नहीं चल पा रहे है कि उन्हें कहां जाना है। खासकर बाहर से आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बैनर-पोस्टर को लेकर नगर निगम के पास कोई नियम और प्रावधान नहीं है। इस वजह से बधाई और स्वागत के अलावा अन्य सभी तरह के बैनर पोस्टर व होर्डिंग्स कहीं भी किसी भी चौक-चौराहों पर मनमर्जी से लगाए जा रहे हैं। दंड का प्रावधान, लेकिन कार्रवाई किसी पर नहीं
रायपुर नगर निगम समेत पूरे छत्तीसगढ़ में सरकारी खंभों, चौक के सिग्नल्स, रोटेटरी इत्यादि में बिना नगर निगम की अनुमति के बैनर-पोस्टर लगाना संपत्ति विरुपण अधिनियम 1994 के तहत अपराध है। इस कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माने का प्रावधान है। नगर निगम ने दीवारों पर व्यावसायिक पोस्टर इत्यादि चस्पा करने के मामले में कई कार्रवाइयां की हैं। शिकायतों के बाद लगातार जुर्माना भी वसूला, लेकिन खंभों और सिग्नल इत्यादि में बैनर-पोस्टर लगाने के मामले में कभी किसी राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस दिशा में काम चल रहा जल्द ही नियम लागू करेंगे
^ ट्रैफिक सिग्नल्स और संकेतकों पर बैनर-पोस्टर नहीं लगाए जा सकते। इसे तत्काल निकालने के निर्देश दिए गए हैं। बैनर-पोस्टर को लेकर जल्द ही कोई निर्णय लिया जाएगा। इस संबंध में उच्च स्तर पर बैठकें भी की जा रही है।
विश्वदीप, कमिश्नर नगर निगम रायपुर हर समय एक लाख से ज्यादा पोस्टर
226 वर्गकिमी से ज्यादा क्षेत्रफल वाले रायपुर नगर निगम के 70 वार्डों में हर समय औसतन एक लाख से ज्यादा बैनर-पोस्टर लगे रहते हैं। पूरे शहर में 60 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइट के खंभे हैं। ज्यादातर खंभों में पोस्टर लटके और बंधे हैं। चौराहों में बनाई गई रोटेटरी और सड़क किनारे महापुरुषों की प्रतिमा स्थलों पर भी पोस्टर लगा दिए गए हैं। दैनिक भास्कर ने पड़ताल में पाया कि सुंदर नगर चौक, राजेंद्र नगर, लाखेनगर, जीईरोड तेलीबांधा के अलावा शहर में दो-तीन और जगहों पर निगम की गेंट्री में पोस्टर लगाया गया है। इस वजह से इस गेंट्री में संकेतक पूरी तरह ढंक गया है। यह पता ही नहीं चल रहा है कि किस तरफ की रोड कहां तक जा रही है। इसी तरह देवेंद्र नगर, फूलचौक, जयस्तंभ चौक, ओसीएम चौक, कालीबाड़ी चौक, शंकर नगर आदि चौराहों की रोटेटरी और आसपास के पूरे खंभे पोस्टर से पट गए हैं। कई जगहों पर इन पोस्टरों की वजह से महापुरुषों की प्रतिमाएं भी ढंक गई हैं। हफ्तों-महीनों से ये पोस्टर इसी तरह लगे हुए हैं।


