अमृतसर | पाकिस्तान के कराची से इलाज के लिए भारत आईं नूरजहां को भारत-पाक तनाव के चलते इलाज अधूरा छोड़कर लौटना पड़ा। अटारी बॉर्डर पर उनकी आंखों में मायूसी थी। उन्होंने कहा कि मजबूरी में लौट रही हूं। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब इंसानियत के लिए भी सरहदें बन गई हैं। मरता तो इंसान ही है, बहता तो इंसान का ही खून है। नूरजहां को दोनों गुर्दों की गंभीर बीमारी है। वह मुंबई में इलाज करवा रही थीं। उनका वीजा मई तक वैध था। अमृतसर | महाराष्ट्र के रहने वाले ऋषि की पत्नी सविता जसवानी अपने बच्चों के साथ पाकिस्तान से भारत लौट आई। अटारी बॉर्डर पर जैसे ही सविता बच्चों के साथ पहुंची, पति ऋषि की आंखों से खुशी छलक पड़ी। वह कई दिनों से बॉर्डर पर पत्नी और बच्चों के लौटने का इंतजार कर रहा था। सविता के पास नूरी (नान ऑब्लिगेशन टू रिटर्न टू इंडिया) वीजा था। वह कुछ समय पहले अपने बच्चों के साथ पाकिस्तान गई थी। वहां वह अपनी मां से मिलने गई थी। बच्चों के पास भारतीय पासपोर्ट था। आज वह अपने बच्चों के साथ अटारी बॉर्डर के जरिए भारत लौटी।


