3 हफ्ते से जारी मकसूदां सब्जी मंडी में ओवरचार्जिंग का विवाद सुलझा, मंत्री भगत की ताकीद – फीस की ओवरचार्जिंग हुई तो ठेका रद्द होगा

भास्कर न्यूज | जालंधर मकसूदां मंडी में 3 हफ्ते से जारी मंडी के सुविधा शुल्क का विवाद मंगलवार को सुलझ गया। सर्किट हाउस में आढ़तियों और रेहड़ी-फड़ी वालों की मीटिंग बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत के साथ हुई। साथ में आप के उत्तर विस हलका प्रभारी दिनेश ढल्ल भी मौजूद रहे। आढ़तियों ने कहा कि मार्केट कमेटी ने ठेका दे रखा है। संबंधित ठेकेदार ओवरचार्जिंग कर रहा है। जो रेट सरकार ने तय कर रखे हैं, उनके अनुसार ही वाहनों चालकों से वसूली हो। मंत्री भगत ने कहा कि केवल सरकारी रेट ही लिए जाएंगे। अधिक पैसा लिया तो सरकार ठेका कैंसल कर नई व्यवस्था लागू करेगी। आढ़तियों ने कहा कि जो शुल्क वसूला जाता है, उसकी कोई प्रिंटेड पर्ची नहीं है। अप्रैल का महीना मकसूदां मंडी में आंदोलनों में गुजरा है। इससे सरकार की छवि खराब हो रही है। आढ़तियों ने कहा कि थ्री व्हीलर की पार्किंग का सरकारी रेट 20 रुपए है और कार-जीप के 25 रुपए, लेकिन 50 रुपए वसूले जा रहे हैं। ट्रकों से 300 रुपए तक लिए जा रहे हैं, जबकि 12 टायर वाले ट्रक की सरकारी तय फीस 120 से 125 रुपए है। वहीं, रेहड़ी-फड़ी वालों ने कहा कि हमसे 300 रुपए तक वसूले जाते हैं, जबकि पूरे दिन की मेहनत से 600-700 रुपए ही दिहाड़ी बन पाती है। आढ़ती जिमी कालिया ने कहा कि सारी समस्या का हल यही है कि जो रेट सरकार ने तय किए हैं, उसे मंडी के अंदर बोर्ड पर डिस्पले किए जाएं। आढ़तियों के जो वाहनों ने आना-जाना है, इनकी पार्किंग मंडी के अंदर होती है, उनसे भी फीस मांगी जाती है। ये गलत है। दूसरी तरफ मनू पुरी ने कहा कि सरकार मकसूदां मंडी में ओवरचार्जिंग का मामला हल करे। इस दौरान शंटी बत्रा, राजिंदर कुमार, महेश मखीजा, राजीव धमीजा मौजूद रहे।

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