एनओसी पर जालंधर में बढ़ रहा विवाद, कोर्ट और सरकार के आदेश पर पब्लिक परेशान

भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर में सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को डीड राइटर एसोसिएशन खुलकर चारों जॉइंट सब-रजिस्ट्रार के खिलाफ हुई। एसोसिएशन की तरफ से आरोप लगाया जा रहा है कि एक तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान अगस्त 2025 तक बिना एनओसी के रजिस्ट्री करने पर लोगों को बड़ी राहत देने की बात कह रहे हैं तो दूसरी तरफ जॉइंट सब-रजिस्ट्रार सही डॉक्यूमेंट पर भी आपत्ति जताकर उसे रिजेक्ट कर रहे हैं। एसोसिएशन के प्रधान गुलशन सारंगल ने कहा कि सोमवार एक रजिस्ट्री जो 100 फीसदी सही है उसे लेकर गए तो उसे रिजेक्ट कर दिया गया। खसरा नंबर 521 बस्ती दानिशमंदां पुरानी आबादी में 10 मरले की रजिस्ट्री है। 10 मरले जगह बेची जा चुकी है और बाकी 10 मरले की जगह अब बेचने के लिए रजिस्ट्री करवाने के लिए कागजात तैयार किए गए हैं। जिस पर न कॉर्पोरेशन की एनओसी की जरूरत है न कॉलोनी एक्ट लागू होता है और न ही अवैध कॉलोनियों की लिस्ट में है इसके बावजूद डॉक्यूमेंट रिजेक्ट कर दिया गया। इस मौके पर लक्ष्मी चंद गुलू, हरजिंदर सिंह बिट्टू, पवन कुमार बब्बी, नवीन थापर मौजूद थे। सारंगल ने कहा कि जालंधर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पिछले कई साल से एक ही रजिस्ट्री क्लर्क को बिठाया गया है, जो नियमों के खिलाफ है। डायरेक्टर लैंड रिकार्ड की तरफ से रेवेन्यू विभाग और डीसी को समय-समय पर रजिस्ट्री क्लर्कों की नियुक्त को लेकर गाइड लाइन भी जारी की हुई है लेकिन बावजूद इसके अधिकारियों की मिलीभगत के चलते एक ही सीट पर सालों से मुलाजिमों को तैनात किया गया है। डीड राइटर एसोसिएशन के प्रधान गुलशन सारंगल व अन्य।

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