फ्री-योजना में विदेश में पढ़ रहे स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप रुकेगी:हाईकोर्ट ने 25 लाख से ज्यादा इनकम वाले परिवारों पर रोक लगाई; कहा-सरकार सच छुपा रही

देश-विदेश की नामी यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए दी जा रही विवेकानंद स्कॉलरशिप में E3 कैटेगरी (25 लाख से ज्यादा इनकम वाले परिवार) में आगामी किस्त जारी करने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने मनजीत देवड़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने आया कि इस योजना के तहत E3 कैटेगरी में जिन परिवारों की सालाना आय 25 लाख रुपए से ज्यादा है, उनके बच्चों को भी लाखों रुपए की स्कॉलरशिप दी जा रही है। अदालत ने आदेश में कहा- स्कॉलरशिप के असली हकदार गरीब और प्रतिभावान छात्र-छात्राएं हैं। लेकिन, यहां बिना किसी मेरिट के पैसे वाले और प्रभावशाली लोगों के बच्चे स्कॉलरशिप का फायदा ले रहे हैं। अदालत ने सरकार से पूछा है कि वह अगली सुनवाई तक यह बताए कि क्यों न इस कैटेगरी में स्कॉलरशिप को रद्द कर दिया जाए। क्योंकि अदालत जनता की गाढ़ी कमाई को इस तरह से बर्बाद होते हुए नहीं देख सकती है। सरकार सच को सामने लाना नहीं चाहती
अदालत ने कहा- हमने 17 अप्रैल को सरकार को निर्देश दिए थे कि वह योजना के शुरू होने से लेकर अब तक तीनों कैटेगरी (E1, E2 और E3) के लाभार्थियों की लिस्ट और उनके माता-पिता का विवरण पेश करे। लेकिन, सरकार ने आज तक यह पूरी जानकारी पेश नहीं की। इसका कारण सब जानते हैं। हर साल मिलती है अधिकतम 50 लाख रुपए की स्कॉलरशिप
स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना को पिछली गहलोत सरकार ने राजीव गांधी नाम से अपने कार्यकाल में शुरू किया था। भजनलाल सरकार ने इस योजना का नाम बदल दिया, लेकिन योजना के लाभ जारी रखे। विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना के तहत 300 स्टूडेंट्स को विदेश और 200 स्टूडेंट्स को देश के ही नामी संस्थानों में पढ़ने भेजा जाता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *