बाल-विवाह से बच्चों के दिमाग पर गलत असर पड़ रहा:जिला कोऑर्डिनेटर ने कहा- हम सबको आगे आना होगा; नागौर में चलाई मुहिम

नागौर जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए विभिन्न धर्मगुरुओं ने अपील की है। बुधवार को अक्षय तृतीया के अबूझ सावे से पहले सभी धर्मगुरुओं ने देश को बाल विवाह मुक्त बनाने का आह्वान किया है। एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन अभियान के तहत राजस्थान महिला कल्याण मंडल के प्रतिनिधियों ने धर्मगुरुओं से आग्रह किया कि सभी समाज के लोग धर्मगुरुओं को विशेष स्थान देते हैं, इसलिए बाल विवाह की रोकथाम के लिए धर्मगुरुओं को समाज के प्रत्येक वर्ग से आह्वान करना चाहिए। कहा- सबको आगे आना होगा राजस्थान महिला कल्याण मंडल की जिला कोऑर्डिनेटर गरिमा सिंह राठौड़ ने बताया कि नागौर में महंत लक्ष्मीनारायण दास महाराज, महंत मुरली राम महाराज, बड़े पीर दरगाह के गद्दीनशीन सैयद सदाकत अली जिलानी, सिख समाज के मानवेंद्र सिंह, योगी स्वरूपनाथ, जेठदास महाराज और संत भागीरथराम ने नागौर जिले वासियों से अपील करते हुए कहा है कि बाल विवाह मुक्त भारत की मुहिम को साकार करने के लिए हम सबको आगे आना होगा। बोले- बच्चों के दिमाग पर गलत असर पड़ता है अक्षय तृतीया के त्योहार पर अबूझ सावे से पहले सभी धर्मगुरुओं ने जिले वासियों से अपील करते हुए कहा है कि बाल विवाह एक कुरीति और कुप्रथा है। बाल विवाह से दोनों बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। परिवारों में भी विकार आते हैं। इसलिए हम सबको बाल विवाह की रोकथाम में आगे आने की जरूरत है। मंडल की ममता वैष्णव ने मुहिम में सहयोग के लिए सभी धर्मगुरुओं का आभार जताया है।

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