रांची | झारखंड हाईकोर्ट ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा से गैंग रेप के सजायाफ्ता नाबालिग राजन उरांव को जुवेनाइल का लाभ देने से इंकार कर दिया। अदालत ने इस मामले पर फैसला सुनाते हुए प्रार्थी की याचिका खारिज कर दी। दरअसल, सुनवाई के दौरान प्रार्थी की आेर से दलील दी गई कि घटना के समय उसकी उम्र 18 वर्ष से कम थी। इसलिए जुवेनाइल जस्टिस प्रोटेक्ट एक्ट के तहत उसे सजा से छूट मिलनी चाहिए। दूसरी आेर सरकार की आेर से अदालत को बताया गया कि अपीलकर्ता ने छह साल बाद जुवेनाइल के संबंध में क्रिमिनल अपील में मामला उठाया है। इसलिए प्रार्थी को किसी तरह की राहत नहीं दी जानी चाहिए। मालूम हो कि नवंबर 2019 में लॉ यूनिवर्सिटी की एक छात्रा से 12 लोगों ने गैंग रेप किया था।


