श्री बिरला हनुमान मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान शुरू, कलश यात्रा में शामिल हुईं 751 महिलाएं

विशेष संवाददाता | रांची इंद्रप्रस्थ कॉलोनी रानी बागान बरियातू में नवनिर्मित श्री बिरला हनुमान मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की शुरुआत कलश यात्रा और श्रीमद् भागवत कथा के साथ हुई। मंगलवार की शाम श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत करते हुए कथा वाचिका रश्मि मिश्रा ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य को भगवान के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना पैदा होती है। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान और मुक्ति का मार्ग दर्शाती है और मनुष्य को अपनी आत्मा और परम वास्तविकता के बारे में ज्ञान मिलता है। कथावाचिका ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा को मोक्ष का मार्ग भी माना जाता है। श्रीमद् भागवत को कलयुग में विशेष महत्व दिया गया है, क्योंकि यह भगवान की भक्ति और ज्ञान का मार्ग सिखाती है। संगीतमय कथा को जारी रखते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का पहला दिन आमतौर पर कथा के महत्व भागवत महात्मय और कथा के विषय में संक्षिप्त परिचय देने के लिए होता है। कथावाचन के दौरान रश्मि मिश्रा को आचार्य रोहित सांकृत्यायन और उपाधारी राघव मिश्रा द्वारा सहयोग दिया गया। कथा में मुख्य यजमान के रूप में मनजीत सिंह, विजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह और भूषण तिवारी शामिल हुए । इससे पहले प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें 751 महिलाएं सुसज्जित कलश लेकर शामिल हुईं। कलश यात्रा बिरला हनुमान मंदिर से शुरू होकर जुमार नदी तक गई और कलशों में जल भरकर वापस बरियातू हाउसिंग कॉलोनी से पैदल नाचते गाते और जयकारे लगाते हुए रानी बागान बरियातू मंदिर पहुंची। मीडिया प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा 5 मई तक चलेगी। श्रीमद् भागवत कथा शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक होगी।

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