प्रदेश के एकमात्र दाउ कल्याण सुपरस्पेश्यिलिटी अस्पताल में मरीज गर्मी से हलाकान हो रहे हैं। यहां बीते 6 माह से एसी खराब है। एक-एक कर सभी वार्डों के एसी बंद होते जा रहे हैं। एक दिन पहले ही अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे थे, उन्होंने भी खराब एसी को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया था। इसकी पड़ताल करने भास्कर की टीम अस्पताल पहुंची। यहां ओपीडी काउंटर से लेकर, नेफ्रोलॉजी, डायलिसिस, बर्न वार्ड, प्लास्टिक सर्जरी, बाल्य चिकित्सा आदि वार्डों के सेंट्रलाइज्ड एसी खराब हो गए हैं। इसके चलते मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। कुछ वार्डों में तो मरीजों के लिए स्टैंडी पंखे लगाए गए हैं। उसी में मरीजों को राहत देने का प्रयास चल रहा है। मरीजों के इंतजार करने के लिए बनाए गए रेस्ट एरिया के भी सभी एसी खराब हो गए हैं। मरीज यहां कपड़े के सहारे गर्मी भगाने का प्रयास कर रहे हैं। इतनी भारी गर्मी होने के बाद भी यहां अब तक एयर कंडिशनर में सुधार नहीं किया गया है। वहीं दूसरी ओर प्रबंधन का कहना है कि अभी एसी में सुधार कार्य चल रहा है। सवाल यह है कि यदि एसी में खराबी काफी दिनों से थी तो उसे सुधारने के लिए गर्मी के मौसम आने तक का क्यों इंतजार किया गया। यदि गर्मी आने से पहले ही इसमें सुधार करा दिया जाता तो अभी मरीजों को परेशानी नहीं होती। कपड़ों को बनाया पंखा : बी4 बच्चों का वार्ड है। यहां टीम पहुुंची तो देखा कि सभी बच्चों के परिजन अपने-अपने बच्चों को कपड़े के सहारे हवा दे रहे थे। यहां भी एसी खराब ही है। कुछ पंखे यहां लगाए तो गए हैं, लेकिन वह सभी के लिए पर्याप्त नहीं है। कुछ लोग बच्चों के साथ ही सोए हैं। सभी गर्मी से परेशान नजर आ रहे थे। यहां स्टाफ रुम में के भी स्टाफ पंखे के सहारे ही दिन बिता रहे हैं। सेंट्रलाइज्ड एसी बंद प्लास्टिक सर्जरी वार्ड फर्स्ट फ्लोर में ही प्लास्टिक सर्जरी वार्ड (बी3) है। टीम यहां पहुंची तो देखा कि बरामदे में जहां आजू बाजू सिस्टर और नर्सिंग स्टाफ का रुम है, वहां एसी चालू था। हमें लगा अंदर(जहां मरीज हैं) वहां भी एसी चालू होगा। गए तो देखा कि वहां मरीज दिवार में लगे कुछ पंखे के सहारे हैं। यहां का सेंट्रलाइज्ड एसी भी खराब हैं। बर्न यूनिट, हालत बदतर अस्पताल के फर्स्ट फ्लोर स्थित बर्न वार्ड(बी1) में भास्कर की टीम पहुंची। यहां देखा कि बाईं ओर एक दो मरीज लेटे हुए थे। यहां भी एसी पूरी तरह खराब है। मरीजों को गर्मी से राहत देने के लिए स्टैंडी पंखे लगाए गए हैं। लेकिन गर्मी इतनी है कि वह भी काम नहीं कर रहा है। अंदर अस्पताल स्टाफ बैठा हुआ है। वह भी स्टैंडी पंखे के सहारे ही दिन बिता रहे हैं। पंखा भी खराब ग्राउंड फ्लोर स्थित डायलिसिस वार्ड (ए2) और इमरजेंसी में पहुंचने वाले किडनी के मरीजों का वार्ड(ए5) में एसी खराब है। कुछ दिवाल पंखे के सहारे मरीजों को रखा गया है। वहीं डायलिसिस का इंतजार कर रहे मरीज इस वार्ड के बाहर इंतजार में हैं, उनके आसपास पंखा भी नहीं लगा है। वहां एक सेंट्रलाइज्ड एसी का पंखा दिखा जो खराब था।


