छत्तीसगढ़ की पूर्व राज्यपाल के फर्जी हस्ताक्षर कर आदिवासी मुख्यमंत्री बनाए जाने का पत्र जारी करने वाले आरोपी को 6 साल बाद पुलिस ने छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया है। मंगलवार सुबह आरोपी को रायपुर लाया गया। उसे कोर्ट पेश कर जेल भेज दिया गया है। वह एक कार्यक्रम में राजभवन आया था। उस दौरान राज्यपाल का लेटरपेड उसके हाथ आ गया। वह उसे चुराकर ले गया और फर्जी पत्र जारी करने लगा। पुलिस के मुताबिक तत्कालीन राज्यपाल अनुसुइया उइके के फर्जी दस्तखत से एक पत्र 2019 में वायरल किया गया था। उसमें छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री बनाने की वकालत की गई थी। पत्र में लिखा था कि कांग्रेस विधायकों को कथित तौर पर 50-50 करोड़ में खरीदकर भाजपा को सरकार बनानी चाहिए। भाजपा को मुख्यमंत्री के पद पर किसी आदिवासी को जिम्मेदारी देनी चाहिए। इस पत्र के वायरल होने की जानकारी जब तत्कालीन राज्यपाल को हुई तो उसी समय डीजीपी को जांच के निर्देश दिए थे। पुलिस फर्जी पत्र के आधार पर केस दर्ज कर किया था। उसी समय से आरोपी की तलाश की जा रही थी। 6 साल बाद पुलिस ने छिंदवाड़ा निवासी अजय वर्मा उर्फ अजय रामदास महाराज (42) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश में भी केस दर्ज है। वह 2019 में एक कार्यक्रम में राजभवन आया था। इस दौरान उसके हाथ राजभवन का लैटर पैड लग गया। उसने राज्यपाल उइके के फर्जी हस्ताक्षर कर कई लोगों को पत्र जारी किया था। आरोपी ने पूछताछ में लैटर पैड चोरी करना और उसे वायरल करना स्वीकार किया है।


