भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा बस्तर क्षेत्र के सीमावर्ती तेलंगाना एवं अन्य प्रांतों में प्रवासित परिवारों के पुनर्वास के लिए सर्वे कराने जिला प्रशासन द्वारा समिति गठित की गई है। इसके तहत अधिकारी, कर्मचारियों को नोडल बनाया गया है। उपरोक्त टीम में प्रवासित परिवारों के पुनर्वास प्रयोजन के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर मूलचंद चोपड़ा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में दंतेवाड़ा क्षेत्र के प्रवासित परिवारों के संबंध में विभिन्न बिंदुओं पर सर्वे कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। गठित टीम द्वारा इस जिले से विस्थापित होकर निकटवर्ती प्रांतों में निवासरत प्रवासित परिवारों की जानकारी निर्धारित प्रपत्र में तैयार करने के साथ-साथ विस्थापित परिवारों से भेंट कर उनके वर्तमान निवास स्थान में उपलब्ध मूलभूत सुविधाएं, रोजगार एवं अन्य संसाधन के संबंध में प्रति परिवार का पृथक-पृथक प्रपत्र में जानकारी तैयार करने, इस जिले के विस्थापित परिवारों को उनके मूल निवास ग्राम (जिला दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा) आने के लिये उन्हें शासन की पुनर्वास योजना एवं शासन की अन्य लाभकारी योजनाओं से अवगत कराते हुये मूल ग्राम वापस आने के लिए प्रेरित करने, विस्थापित परिवारों को उनके मूल निवास ग्राम लाये जाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किए जाने, जैसे कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही संपूर्ण सर्वे कार्य का सुव्यवस्थित दस्तावेजीकरण करने के साथ ही फोटो एवं वीडियोग्राफी टीम द्वारा की जाएगी। ज्ञात हो कि दंतेवाड़ा जिले के पोटाली, बुरगुम नहाड़ी, रेवाली, जबेली सहित और भी गांव के लोग पलायन कर तेलंगाना के भद्राणी, खमम, चेरला के क्षेत्रों में जाकर बस गए हैं। ये सभी 2005 के बाद दंतेवाड़ा से पलायन कर चुके हैं, पहली बार अब इनको वापस मूल गांवों में लाने की कवायद शुरू की गई है।


