अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर जहां देशभर में श्रमिकों के सम्मान में कार्यक्रम हो रहे हैं। वहीं झारखंड के कोडरमा स्थित झुमरीतिलैया की मजदूर मंडी में श्रमिक रोजगार की तलाश में जुटे हैं। श्रमिक चौक पर सुबह से ही मजदूर अपने औजार लेकर काम की प्रतीक्षा करते दिखे। बिहार के पहाड़पुर, रजौली, टनकुप्पा और गिरिडीह के सरिया, पारसनाथ से आने वाले मजदूरों के साथ स्थानीय श्रमिक भी यहां पहुंचे। मजदूरों का कहना है कि अगर वे दिवस मनाएंगे तो परिवार का पेट कैसे भरेगा। इस मंडी में कोई छुट्टी नहीं होती। श्रमिक चौक पर रोज आने वाले मजदूरों को काम मिलने की भी गारंटी नहीं होती मजदूर नेता प्रकाश अम्बेडकर ने श्रमिकों की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यहां मजदूरों को न तो न्यूनतम मजदूरी की गारंटी मिलती है और न ही स्वास्थ्य सुरक्षा या सामाजिक लाभ। श्रमिक चौक पर रोज आने वाले मजदूरों को काम मिलने की भी गारंटी नहीं होती। मजदूर नेता ने सरकार से मांग की है कि सभी श्रमिकों के लिए श्रमिक कार्ड और स्वास्थ्य कार्ड जल्द से जल्द बनाए जाएं। इससे मजदूरों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।


