भास्कर न्यूज | अमृतसर बाजार सिरकी बंदा स्थित शिवाला गंगा राम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कुंती स्तुति और भीष्म पितामह का वर्णन किया। भागवत प्रवक्ता परम श्रद्धेय धर्मेंद्र गोस्वामी महाराज श्रीधाम नंदगांव वालों ने दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक की कथा को सुनने कई भक्तजन पहुंचे। इससे पहले गोस्वामी महाराज ने श्रीमद्भागवत ग्रंथ की आरती उतारी। उन्होंने कथा का बखान करते कुंती स्तुति और भीष्म पितामह के बारे कहा। उन्होंने कहा कि कुंती ने भगवान कृष्ण से हमेशा दुख मांगे। क्योंकि कुंती का मानना था कि दुख में भगवान याद आते है। वहीं अगर जीवन में सुख ही सुख हो तो भगवान को याद नहीं किया जाता। इसलिए जीवन में दुख ही दुख होने चाहिए ताकि 24 घंटे दिन रात प्रभु का नाम सिमरण मुख में आता रहा। वहीं दूसरी तरफ भीष्म पितामह ने भगवान से इच्छा मृत्यु का एक बर मांगा था कि मेरी मौत के समय आप मेरे सामने खड़े हो। भगवान ने भक्ति के बदले भीष्म पितामह को अंतिम समय पास खड़े होकर दर्शन दिए। महाराज ने कहा कि मनुष्य को कुंती की तरह ही भगवान से दुख मांगने चाहिए। क्योंकि कि सुख तो जीवन में सभी मांगते है मगर दुख मांग क खुद भगवान को मांगते हैं। भगवान की आरती के साथ कथा का समापन किया। इस मौके पर दीन दयाल, प्रधान अमन मेहरा, अजय मेहरा, विक्रम कपूर, लक्ष्य कपूर, आशु, साहिल शर्मा, यशपाल समेत कई भक्तजन मौजूद थे।


