भास्कर न्यूज | जालंधर श्री नर्मदेश्वर शिव मंदिर, बाबा बुड्ढा जी नगर (रामामंडी) में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन पंडित बृज किशोर शरण ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान भी जब पृथ्वी पर आए, तो उन्हें भी कर्म के अनुसार फल भोगने पड़े। भगवान बाल रूप मे जब मात्र छह दिन के थे, तो पूतना जहर लगाकर मारने के लिए आई। भगवन का जन्म जेल में हुआ। कंस ने पग-पग पर कोई न कोई राक्षस भेजकर श्रीकृष्ण को मारना चाहा, लेकिन श्री कृष्ण योगेश्वर हैं इसीलिए खेल-खेल में ही दुष्टों का उद्धार कर दिया। उन्होंने कहा कि इसी तरह पृथ्वी पर आए प्रत्येक प्राणी को कर्म के अनुसार फल भोगना पड़ता है। माखन चोरी लीला के बारे में बताते हुए पंडित बृज किशोर ने कहा कि जिसके स्वयं घर में नौ लाख गाय हों, कितना माखन, दही, दूध होता होगा उनको क्या आवश्यकता है, कि दूसरों के घर जाकर माखन, दूध की चोरी करे। प्रभु ने केवल अपने भक्तों को प्रसन्न करने के लिए यह लीलाएं रची थीं। कथा विश्राम पर गिरिराज गोवर्धन का पूजन किया गया। कथा के बाद 56 प्रकार के भोग लगाकर भंडारा वितरित किया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक राजेंद्र बेरी, पूर्व पार्षद जगदीश गग, डॉ. ओंकार शर्मा, अश्विनी शर्मा, प्रधान प्रवीन शर्मा, कुलदीप पंडित, वेद जी, डॉ. गीतांजलि शर्मा, प्रेम लता, संतोष, बिमला, उपस्थित रहे।


