अबोहर मंडी में बारिश से भीगा गेहूं:किसानों और आढ़तियों को नुकसान, शहर में कई सड़कों पर भरा पानी, स्कूली बच्चे-राहगीर परेशान

फाजिल्का के अबोहर की दाना मंडी में कल रात आई तेज बारिश और आंधी ने खुले में पड़े गेहूं के लाखों कट्टों को भीगा दिया। इससे किसानों और आढ़तियों को भारी नुकसान हुआ है। मजदूरों के अनुसार शेड के नीचे रखे गेहूं के कट्टे सुरक्षित रहे। लेकिन खुले में पड़े कट्टे पूरी रात बारिश में भीगते रहे। सुबह 7 बजे से ही मजदूर गेहूं के कट्टों को सुखाने में जुटे हैं। किसान नेता सुखजिंदर राजन ने मार्केट कमेटी अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंडी में तिरपाल का कोई प्रबंध नहीं था। साथ ही लिफ्टिंग की भी कमी रही। खरीद एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि भीगे गेहूं के कट्टों को मजदूरों की मदद से सुखाया जा रहा है। सूखने के बाद ही इन्हें गोदामों में स्टोर किया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि मजदूरों की कमी के कारण लिफ्टिंग धीमी हो रही है। बड़े फ्लेक्स बोर्ड और बैनर टूटकर गिरे वहीं देर रात आई तेज बारिश और आंधी ने शहर की व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया। 42 डिग्री तक पहुंचे तापमान से राहत मिली, लेकिन इसने कई नुकसान भी किए। शहर के विभिन्न स्थानों पर बड़े फ्लेक्स बोर्ड और बैनर टूटकर गिर गए। बाजारों में दुकानों के बाहर लगी तिरपाल उड़ गईं। कई गलियों में जलभराव रात 12 बजे से शुरू हुई बारिश ने शहर की कई गलियों में जलभराव कर दिया। सरकुलर रोड, लाजपत राय मार्केट, अस्पताल मार्ग, नेहरू पार्क वाली गली, सीतो रोड और पटेल नगर में पानी भर गया। पटेल नगर की गली नंबर 6 की स्थिति सबसे खराब रही। यह मार्ग दूषित पानी की झील में तब्दील हो गया। सुबह स्कूली बच्चों और राहगीरों को इसी दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ा। लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। पेड़ों की टहनियां टूटकर नहरों में गिरी तेज आंधी से शहर के कई मार्गों पर पेड़ों की टहनियां टूट गईं। नहरों के पास लगे पेड़ों की टूटी टहनियां नहरों में गिरने से उनके टूटने का खतरा बढ़ गया। किसान देर रात तक सूखे कीकर और अन्य पेड़ों की टहनियों को नहरों से निकालते रहे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *